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फोर लेनः मुआवजे के 88 लाख रुपये हड़पने की साजिश, डीएम ने सौंपी सीआरओ को जांच

गाजीपुर। वाया गाजीपुर वाराणसी-गोरखपुर हाइवे के फोर लेन बनाने का काम शुरू है। इसके लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे में आए दिन गड़बड़ी की बात उठती रहती है। इसी क्रम में बतौर मुआवजा 88 लाख रुपये हड़पने की साजिश सामने आई है। इसमें कतिपय अधिकारियों, कर्मचारियों की भूमिका भी  संदिग्ध बताई जा रही है। लिहाजा डीएम संजय कुमार खत्री ने इस पूरे मामले की जांच सीआरओ रणविजय सिंह को सौंपी है। मामला बिरनो ब्लाक के अरसद गांव का है। वहां के मूरत, मुन्नी पुत्र रूपा की भूमि अधिग्रहित की गई। उसके एवज में मुआवजा उन्हें देना था।

उसी बीच आजमगढ़ के रहने वाले भू-माफिया अब्दुल रहमान का नजर उस मुआवजे की राशि पर पड़ी। वह साजिश कर दोनों भाइयों से वह भू-खंड अपने फर्जी तरीके से अनुबंधित करा लिया। मुआवजा की राशि मूरत तथा मुन्नी के बैंक खाता यूबीआई, जंगीपुर में जानी थी लेकिन अब्दुल रहमान ने विभागीय कर्मियों से मिलीभगत कर संबंधित कागजात में आजमगढ़ के किसी दूसरे बैंक के अपने खाता का नंबर दर्ज करा दिया। संयोग ही रहा कि उस जालसाजी पर संबंधित लिपिक की नजर पड़ी।

उसने अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। तब मुआवजे के रुपये का भुगतान रोक दिया गया। जब इसकी जानकारी मूरत तथा मुन्नी को हुई तो उन्होंने डीएम से इसकी शिकायत की। तब डीएम ने अपर एसडीएम रमेश यादव को इसकी जांच की जिम्मेदारी सौंपी। हैरानी यह कि श्री यादव की रिपोर्ट भी संदिग्ध रही। उसके बाद डीएम ने दोबारा जांच के लिए सीआरओ को अधिकृत किया। इस सिलसिले में ग़ाज़ीपुर न्यूज़ ने सीआरओ से चर्चा की। उन्होंने कहा कि वह जांच कर रहे हैं और शीघ्र इसकी रिपोर्ट डीएम को सौंप देंगे।
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