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पत्रकार हत्याकांडः वकील पुत्र को पत्नी संग उठाई पुलिस, संदिग्धों की सूची में पहले नंबर पर राजू यादव

करंडा। आरएसएस के खंड कार्यवाह तथा पत्रकार राजेश मिश्र के हत्यारों को गिरफ्त में लेने के लिए पुलिस अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। खुद पुलिस कप्तान सोमेन बर्मा कार्रवाई की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। शनिवार की आधी रात सुहवल थाने के गरुआ-मकसूदपुर में छापेमारी कर एक वकील पुत्र तथा उसकी पत्नी को पुलिस उठा लाई। वकील पुत्र यदुवंशी समाज का है जबकि उसकी पत्नी मृत पत्रकार के परिवार से जुड़ी है। उनसे पूछताछ हो रही है। साथ ही पुलिस की ओर से तैयार संदिग्धों की सूची में खूंखार बदमाश राजेश दूबे नीचे खिसक गया है जबकि करंडा थाने के ही लोनेपुर का बदमाश राजू यादव सबसे ऊपर पहुंच गया है। तीसरा संदिग्ध इसी थाने के धरवा-देवैथा का रिंकू पांडेय है। हालांकि घटना के बाद के शुरुआती दौर में हत्यारे के रूप में राजेश दूबे का नाम चर्चा में था लेकिन मौके पर हत्या करने वाले दोनों बदमाशों की कद-काठी उससे नहीं मिली। दोनों बदमाशों के सिर पर बाल थे। राजेश दूबे इधर अपना बाल मुड़वाया है। राजू यादव पर पुलिस का शक इस लिए और बढ़ा है कि जिस अंदाज में हत्या की गई वह अंदाज उसी का है। 

राजू यादव के साथ इन दिनों रिंकू पांडेय चल रहा है और राजू यादव अवैध बालू खनन में संलिप्त रहा है। पत्रकार राजेश मिश्र उस अवैध खनन के खिलाफ बराबर अपनी कलम चलाते रहे हैं। संभव हो कि उसी खुन्नस में उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया हो। राजू यादव क्षेत्र में हत्या के साथ ही रंगदारी भी वसूलता है। कुछ ही माह पहले चोचकपुर में रंगदारी की मांग को लेकर एक व्यवसायी के घर के सामने फायरिंग भी किया था। रही बात रिंकू पांडेय की तो वह शहर कोतवाली के सकलेनाबाद में यूको बैंक के गेट पर शराब कंपनी के मैनेजर मनोज सिंह की हत्या कर 28 लाख रुपये की लूट में शामिल था। इसी बीच एसटीएफ की वाराणसी यूनिट भी अपने स्तर से हत्यारों तक पहुंचने में जुट गई है। घटना के कुछ ही घंटे बाद एसटीएफ इंस्पेक्टर विपिन राय की अगुवाई में एक टीम घटनास्थल का जायजा ली। साथ ही मृत पत्रकार के घरवालों का बयान भी दर्ज की। 

वैसे पुलिस सुहवल थाने के गरुआ-मकसूदपुर से युवा दंपति को उठाने की बात से इन्कार कर रही है लेकिन गांव के लोगों का कहना है कि रात करीब दो बजे पुलिस टीम उनके घर पहुंची थी और उन्हें अपने साथ ले गई थी। वैसे पुलिस राजेश दूबे को संदिग्धों की सूची से फिलिहाल नहीं हटाई है। पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि बिहार के एक शॉर्प शूटर के साथ राजेश दूबे की कई बार गाजीपुर में लोकेशन मिली। पत्रकार राजेश मिश्र तथा उनके परिवार के लोग भी पहले से ही राजेश दूबे को लेकर सशंकित थे। दरअसल, राजेश मूलतः पत्रकार राजेश मिश्र के ही गांव ब्राह्मणपुरा का रहने वाला है। सालों पहले उसकी मां अपनी संतानों को लेकर नंदगंज थाने के वनगांवा में जा बसी थी लेकिन राजेश का अपनी जन्मभूमि ब्राह्मणपुरा में आना-जाना लगा रहता है। 

वह अपनी मां के पहले पति के परिवार से हक मांगता रहा है। उसके लिए उन्हें आतंकित भी करता रहा। उस दशा में वह परिवार राजेश मिश्र के परिवार से गुहार लगाता। इस बात से राजेश मिश्र के परिवार से राजेश दूबे खुन्नस रखने लगा। इधर भाजपा तथा आरएसएस के नेताओं का राजेश मिश्र के घर आने का क्रम जारी है। पार्टी एमएलसी विशाल सिंह चंचल तथा संचार एवं रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के बाद रात में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.महेंद्र नाथ पांडेय भी पहुंचे थे। 

उन्होंने पीड़ित परिवार का ढांढ़स बंधाते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में पार्टी उनके साथ खड़ी है। भरोसा दिए कि हत्यारे शीघ्र गिरफ्त में होंगे। मालूम हो कि शनिवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे राजेश मिश्र अपने गांव ब्राह्मणपुरा की चट्टी पर स्थित परिवार की निर्माण सामग्री की दुकान पर बैठे थे। उसी बीच बाइक से दो बदमाश आए। पीछे बैठा बदमाश दोनों हाथों में पिस्तौल लेकर राजेश मिश्र के पास पहुंचा और उन पर फायर झोंक दिया था। बचाव में आए उनके छोटे भाई अमितेश मिश्र को भी उसने गोली मार दी थी। 

दोनों भाइयों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने राजेश मिश्र को मृत घोषित कर दिया जबकि अमितेश को वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया था। जहां ऑपरेशन के बाद उनके कंधे में फंसी गोली निकाल दी गई थी। बावजूद उनकी हालत अभी नाजुक बताई जा रही है। उनका इलाज बीएचयू ट्रामा सेंटर में चल रहा है। चिकित्सकों ने 48 घंटे बाद ही कुछ स्थिति बताने की बात कह रहे हैं। उनका इलाज बीएचयू ट्रामा सेंटर में चल रहा है। सुरक्षा के लिहाज से वहां गाजीपुर के अलावा वाराणसी पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है।

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