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एसडीएम मुहम्मदाबाद ने सफाई कर्मी और मजदूर को भेजा हवालात, वीडीओ का रोका वेतन

मुहम्मदाबाद। एसडीएम ज्ञानप्रकाश यादव ने एक बार फिर हड़कंप मचा दिया। गुरुवार को वह पूरे लावलश्कर के साथ भांवरकोल ब्लाक की रानीपुर ग्राम पंचायत में पहुंच गए। प्राथमिक विद्यालय परिसर में चौपाल लगाए। शिकायत आई कि कई लोगों ने रास्ते का अतिक्रमण कर पक्का निर्माण करा दिया है। एसडीएम मौके पर पहुंचे और अपने सामने अतिक्रमण हटवाए। 

ग्राम पंचायत अधिकारी से विकास कार्यों के अभिलेख तलब किए लेकिन वह अभिलेख नहीं दिया। साथ ही आवास, शौचालयों के भौतिक सत्यापन नहीं करने की भी बात सामने आई। एसडीएम ने ग्राम पंचायत अधिकारी से जवाब तलब करते हुए अगले आदेश तक उनका वेतन रोकने को कहे। चौपाल में बात आई कि ग्राम पंचायत में नियुक्त दोनों सफाई कर्मी नहीं आते। उनमें एक इश्तियाक तो अपनी जगह एक मजदूर को लगा दिया है। वह मजदूर महीने में एक दिन आकर सफाई का कोरम पूरा कर जाता है। 

यह सुन एसडीएम गुस्सा गए। वह इश्तियाक तथा उसके मजदूर को तलब किए। उसके बाद एसओ भांवरकोल बालमुकुंद मिश्र को आदेशित किए कि इन दोनों को पहले वह हवालात में डालें। साथ ही एसडीएम ने सफाई कर्मियों के काम न करने के बावजूद नियमित वेतन भुगतान के लिए एडीओ पंचायत को जिम्मेदार ठहराए। चौपाल में आंगनबाड़ी कार्यकत्री तथा सहायिका की नामौजूदगी को भी उन्होंने गंभीरता से लिया। 

चौपाल में महिला ग्राम प्रधान भी गैरहाजिर थीं। एसडीएम ने उनके पति को इसके लिए झाड़ लगाई। इस मौके पर एसडीएम ने कहा कि वह हर गुरुवार को इसी तरह किसी ग्राम पंचायत में चौपाल लगाएंगे। विकास कार्यों में लापरवाही पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। एसडीएम के साथ तहसीलदार मोहन लाल गुप्त भी थे। 

मालूम हो कि बीते सोमवार को एसडीएम मुहम्मदाबाद ब्लाक के कई परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किए थे। उस क्रम में अरजानीपुर के विद्यालय में धान की मड़ाई तथा कक्षों में रखा धान देख वह एकदम से बौखला गए थे। पता चला कि यह सब ग्राम प्रधान राकेश कुमार का है तब उन्होंने मौके पर ही ग्राम प्रधान को तलब किया और सीधे हवालात भेज दिया था। 

हालांकि बाद में लिखित माफीनामा के बाद ग्राम प्रधान को उन्होंने छोड़ने का आदेश दिया था। एसडीएम के इस तल्ख तेवर से मातहतों सहित ग्राम प्रधानों में खलबली मच गई है।

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