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गाजीपुर: एक ऐसी लड़की कि उसके कायल हैं केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर नाम-आरती गुप्ता। मुकाम-मुहल्ला नवापुरा। वह ऐसी कि उसके कायल हैं संचार एवं रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा। यहां तक कि अपने कोटे से वह बतौर वजिफा उसे 40 हजार रुपये नकद दिए और अब उसकी ख्वाहिश के हिसाब से बीटीसी की पढ़ाई के लिए वह फिक्रमंद हैं। सोमवार की सुबह अफीम कारखाने के सामने आरती के चाय के ठेले पर वह खुद पहुंचे। ठेले के बगल में लगे बेंच पर बैठे। उससे साग्रह चाय बनाने को कहे। फिर चाय की कीमत अदा किए। साथ ही बताए कि उसकी इच्छानुसार पढ़ाई पूरी कराने के लिए वह लगे हैं। इस मौके के गवाह बने सौकड़ों। हर कोई हैरान था कि मंत्रीजी प्रोटोकॉल तोड़ कर एक अदने ठेले पर क्यों आए लेकिन जब पता चला तो वह सभी मंत्रीजी की सोच, उदारता की तारिफ करने से खुद को रोक नहीं पाए।

आरती से मंत्रीजी का कनेक्शन
प्रमुख समाजसेवी और संचार एवं रेल राज्यमंत्री के निजी सचिव सिद्धार्थ राय को आरती के व्यक्तित्व, कृतित्व के बारे में पता चला। वह उसके लक्ष्य को सुन वह और प्रभावित हुए। उसके बारे में अपने मंत्रीजी से चर्चा किए। अपने निजी सचिव सिद्धार्थ की बात सुन मंत्रीजी भी  भावुक हुए। बीते २१ सितंबर को आयोजित प्रकाशोत्सव में श्री सिन्हा ने अपनी ओर से आरती को 40 हजार रुपये का वजिफा दिया। जाहिर है कि आरती का हौसला और बढ़ा। फिर उसने सिद्धार्थ राय से अपनी दूसरी इच्छा बताई। यही कि मंत्रीजी उसके ठेले पर आकर चाय पीएं। मंत्रीजी ने वह भी इच्छा पूरी कर दी। ठेले पर पहुंच आरती का हालचाल लिए। उसकी पढ़ाई के बारे में पूछे। भरोसा दिए कि वह कतई चिंतित नहीं रहे। उसके आगे की पढ़ाई को लेकर वह खुद चिंतित हैं। बीटीसी में उसका एडमिशन कराएंगे।
आरती का कृतित्व
पिता मराछु गुप्त का पांव टूट गया है। मां रोगग्रसत हैं। जुड़वा दो भाई लव-कुश। आरती उन्हें अपने दम पर उन्हें केंद्रीय विद्यालय में एडमिशन कराई है। आरती खुद सुबह छह बजे ठेला लेकर अफीम कारखाना के पास आ जाती है और देर शाम सात बजे तक चाय बेचती है। उसके बाद घर लौट बर्तन साफ करती है। खाना बनाती है। फिर ढाई घंटे तक पढ़ने के बाद मां-पिता तथा भाइयों के साथ बैठ भोजन करती है। सुबह चार बजे उठती है। दैनिक कार्यों से निवृत्त होने के बाद करीब डेढ़ घंटे पढ़ाई करती है। उसके बाद अपनी दुकान लगाने की तैयारी में जुट जाती है। इसी दिनचर्या में वह सहजानंद कॉलेज से बी-कॉम की डिग्री भी ले चुकी है।

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