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गाजीपुर: संदिग्ध आतंकी शेख अली अकबर के खिलाफ पोख्ता सबूत एकत्र करने में जुटी एटीएस टीम

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर जमानियां कोतवाली के कसेरा पोखरा गांव के संदिग्ध आतंकी शेख अली अकबर के खिलाफ ऐंटी टेररेजम स्क्वॉड (एटीएस)  की टीम पोख्ता सबूत एकत्र करने में जुट गई है। इस सिलसिले में एटीएस की वाराणसी यूनिट के एसआई उपेंद्र सिंह शुक्रवार को जमानियां कोतवाली पुलिस के साथ कसेरा पोखरा पहुंचे। ग्राम प्रधान रामअवतार पासवान से मिले। फिर वह उन्हें लेकर शेख अली अकबर के घर गए। जहां अकबर की मां शबनम तथा चाची गुलशन आरा से पूछताछ किए। 

उसके बाद उन दोनों को लेकर एसबीआई की जमानियां शाखा पहुंचे। वहां शाखा प्रबंधक तेजबहादुर राय से उन्होंने गुलशन के खाते का विवरण लिए। पासबुक कब्जे में लेकर उनको दूसरी पासबुक जारी करवाए। साथ ही वीडियो फुटेज भी प्राप्त किए। मालूम हो कि बीते सोमवार को शेख अली अकबर को एटीएस की लखनऊ यूनिट लखनऊ में गिरफ्तार की थी। उसके बाद कोर्ट से वह अकबर को दस दिन की रिमांड पर ली। उसके बाद अकबर के ही गांव के रहने वाले महबूब को भी गिरफ्तार किया गया। 

अकबर व्हाट्सअप के नौ ग्रुप से जुड़ा था। एटीएस उन ग्रुपों के एडमिन तथा सदस्यों के बाबत जानकारी जुटा रही है। इसके लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस की भी मदद ली जा रही है। उन  ग्रुपों के नाम हिजबुल हमारी शान है, फ्रीडम फाइटर्स, हिज्ब मीडिया, जमात-उद-दावा-कश्मीर, कश्मीर की आज़ादी, मूसा-मूसा आदि हैं। जम्मू कश्मीर पुलिस ने जिन चार संदिग्धों को आतंकी गतिविधियों के आरोप में पकड़ा। उनसे पूछताछ में शेख अली अकबर की संलिप्तता की बात सामने आई। 

फिर जम्मू-कश्मीर पुलिस के इनपुट के आधार पर एटीएस अकबर को दबोची। अकबर उन आतंकियों के संपर्क में पिछले साल सितंबर में आया था। एटीएस के मुताबिक, खुद से कट्टरपंथी बना अली लंबे समय से सोशल मीडिया और इंटरनेट पर ऐसे ग्रुप के बारे में जानकारियां जुटा रहा था। उसे जहां से भी कोई मोबाइल नंबर या लिंक मिला उसने वहां संपर्क किया। इसी तरह कोशिश करने के बाद वह इन चार संदिग्धों समेत नौ आतंकी ग्रुप से जुड़ गया। हालांकि अकबर के साथी महबूब से  भी कई अहम जानकारियां मिली हैं। साथ ही अली से पूछताछ में सामने आए कई तथ्यों की पुष्टि भी हुई है। 

महबूब को उसकी गतिविधियों के बारे में खासी जानकारियां थीं। उधर, एटीएस की दो सदस्यीय टीम जम्मू-कश्मीर भेजी गई है। जहां वह गिरफ्तार उनके चारों संदिग्ध आतंकी साथियों से पूछताछ कर अकबर के मिले तथ्यों का मिलान करेगी। अकबर की मां शबनम मीडिया से बातचीत में कबूली थी कि अकबर की चाची गुलशन आरा के खाते में 40 हजार रुपये आए थे। उसे बाद में अकबर ने निकवा लिया था। 

एटीएस की मानी जाए तो वह रुपये अकबर के कश्मीरी आतंकी साथियों ने भेजे थे। उसके एवज में अकबर को असलहे सप्लाई करने थे। उधर अकबर के साथी महबूब के घरवाले उम्मीद में हैं कि वह छूट जाएगा। फिलहाल महबूब भी एटीएस की कस्टडी में है।

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