गाजीपुर: कासिमाबाद प्रमुख की किस्मत पर 22 को होगा फैसला - गाजीपुर न्यूज़ : Ghazipur News in Hindi, ग़ाज़ीपुर न्यूज़ इन हिंदी

गाजीपुर न्यूज़ : Ghazipur News in Hindi, ग़ाज़ीपुर न्यूज़ इन हिंदी

गाजीपुर न्यूज़, ग़ाज़ीपुर ब्रेकिंग न्यूज़, खेल समाचार, राजनीति न्यूज़, अपराध न्यूज़

Breaking

Post Top Ad

Post Top Ad

गाजीपुर: कासिमाबाद प्रमुख की किस्मत पर 22 को होगा फैसला

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर बाराचवर आखिर डीएम के बालाजी ने कासिमाबाद ब्लाक प्रमुख श्याम नारायण राम के खिलाफ लाए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की तारीख तय कर दी है। डीपीआरओ लालजी दूबे ने डीएम के आदेश के हवाले से बताया कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 22 अप्रैल की सुबह दस बजे कासिमाबाद क्षेत्र पंचायत की बैठक बुलाई गई है। 

बैठक की अध्यक्षता एसडीएम कासिमाबाद भगवानदीन करेंगे। मालूम हो कि 26 मार्च को विरोधी खेमे के बीडीसी सदस्यों ने अनिल राय की अगुवाई में डीएम से मिल कर प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस दी थी। नोटिस के साथ अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में कुल 120 सदस्यों में 81 सदस्यों के शपथ पत्र भी दिए गए थे। 

हालांकि दूसरे दिन ब्लाक प्रमुख श्याम नारायण भी डीएम से मिले थे और उन्होंने अपने पक्ष में ७६ बीडीसी सदस्यों के शपथ पत्र सौंपे थे लेकिन अब जबकि डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की तारीख तय कर दी है तो कासिमाबाद क्षेत्र पंचायत की राजनीति भी गरमा गई है। मौजूदा वक्त में ब्लाक प्रमुख श्याम नारायण भासपा में हैं। जाहिर है कि भासपा उनकी कुर्सी बचाने में हर संभव कोशिश करेगी लेकिन इलाकाई राजनीति में भासपा की सहयोगी भाजपा के नेता भी पर्दे के पीछे से श्याम नारायण की मुखालफत कर रहे है जबकि अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में बसपा और सपा पूरी तरह लामबंद हैं। श्याम नारायण कभी बसपा में थे लेकिन ब्लाक प्रमुख चुनाव में कुर्सी हथियाने के लिए वह तत्कालीन सरकारी पार्टी सपा का हाथ थाम लिए थे। 

चुनाव में विरोध में अंसारी बंधुओं के खास कांता राम मुकाबिल थे लेकिन प्रदेश सरकार की तत्कालीन मंत्री शादाब फातिमा की कृपा से वह प्रमुख की कुर्सी पर काबिज होने में सफल हो गए थे। उनके चयन पर अंसारी बंधुओं ने सरकारी मशीनरी के खुलेआम दुरुपयोग का मय साक्ष्य आरोप भी लगाया था लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई थी। बाद में अंसारी बंधु बसपा में आ गए। 

फिर कांता राम का भी निधन हो गया। अंसारी बंधुओं ने कांता राम की रिक्त सीट से उनके बेटे अनिल राम को जीत दिलाई और अब उनकी पूरी कोशिश है कि अनिल राम को प्रमुख बना कर अपने दिवंगत साथी के ख्वाब को पूरा किया जाए। वैसे अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस के बाद भासपा जिलाध्यक्ष कै.रामजी राजभर ने दावा किया था कि अविश्वास प्रस्ताव गिर जाएगा लेकिन इलाकाई राजनीति पर नजर रखने वालों का कहना है कि अंसारी बंधुओं की बिछाई बिसात में श्याम नारायण चित हो जाएं तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी।

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad