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‘गतिशील गाजीपुर’ का हाल-ए-बयां

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर वह भीड़ पिछड़ेपन से निकल अगड़ेपन के एहसास की थी। गतिरोध छोड़ गतिशीलता की गवाही की थी। अविश्वास की जगह विश्वास की थी। नाउम्मीदी नहीं उम्मीद की थी।…और भीड़ के केंद्र में थे संचार एवं रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा। उनका अंदाज था उपलब्धियों का। अंदाज था संकल्पों का। अंदाज था आत्मविश्वास का।…जी हां! रविवार की शाम लंका मैदान में आयोजित श्री सिन्हा के भव्य कार्यक्रम ‘गतिशील गाजीपुर’ का यही कुछ अंदाजे बयां था। हालांकि आयोजन के लिहाज से देखा जाए तो दिन बिल्कुल उलट था। मौसम में तपिश, उमस थी और ऊपर से आईपीएल का फाइनल मैच। बावजूद अपेक्षा से ज्यादा भीड़ जुटी। 

गाजीपुर संसदीय क्षेत्र के हर हिस्से से हर वय, हर वर्ग के लोग पहुंचे थे। भीड़ में शामिल सैदपुर के रिटायर टीचर कैलाश वर्मा बातचीत में कहे-अरे यह क्या कम है कि गाजीपुर आज देश के अति पिछड़े जिलों की सूची से निकल चुका है। यह हमारे लिए गर्व की बात है और यह सब मनोज सिन्हा के चलते हुआ है। मनोज सिन्हा के विकास कार्यों की चर्चा पर कलेक्ट्रेट बार के पूर्व अध्यक्ष बनबिहारी सिंह ने कहा कि चार साल पहले और अब के गाजीपुर में कितना फर्क आ गया है। पहले सिटी रेलवे स्टेशन क्या था और अब कैसा है। पहले गाजीपुर से कितनी ट्रेनें थीं और अब कितनी ट्रेनें हो गई हैं। शहर में आमजन के लिए सार्वजनिक शौचालय कितने थे और अब कितने आधुनिक शौचालय बन चुके हैं। 

निःसंदेह मनोज सिन्हा गाजीपुर के लिए बहुत कुछ कर रहे हैं। कार्यक्रम स्थल पर लगे गाजीपुर में चार साल के विकास कार्यों के स्टाल श्री सिन्हा के प्रति भीड़ के विश्वास को और पोख्ता कर रहे थे। वह स्टाल रेल, सड़क, स्कूल, बिजली, पानी, शौचालय, डाक, दूसर संचार विभाग के हुए कार्यों को प्रदर्शित कर रहे थे। एक स्टाल पर मिले जखनियां से आए युवक अशोक कुमार चौहान ने कहा-मैं नहीं जानता कि गाजीपुर के किसी जनप्रतिनिधि को अपनी उपलब्धियों को इस तरह प्रदर्शित करने का मौका भी मिला हो और मिलेगा भी कैसे। वह तो बस जुबानी विकास करते रहे हैं। कर रहे हैं। करते रहेंगे लेकिन इस तरह अपनी उपलब्धियों की प्रदर्शनी लगाने का माद्या तो सिर्फ और सिर्फ श्री सिन्हा में है। 

मंच पर मुख्य अतिथि के रूप में विराजमान थे भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि श्री सिन्हा गाजीपुर के विकास पुरुष बन चुके हैं। भीड़ ने तालियां बजा कर उनके इस कथन पर अपनी सहमति जताई। श्री बंसल के भाषण से पहले मंच पर लगी लंबी-चौड़ी स्क्रीन पर चार साल के विकास कार्यों की डाक्यूमेंट्री फिल्म भी प्रदर्शित की गई। भीड़ बिल्कुल शांत और एकाग्रचित होकर उसे देखी और जैसे ही वह खत्म हुई कि मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मंच पर जाने-माने हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा ने मनोज सिन्हा के लिए एक पंक्ति सुनाई-जब हम बदलते हैं तो इतिहास बदल जाता है…। इसी तरह युवा कवि उपेंद्र पांडेय ने सुनाया-जब हम सिंहासन पे बैटे तो लोगों की त्यौरियां चढ़ गईं, किसी ने झुक कर नहीं देखा कि पांवों में छाले कितने हैं…। यह सुन भीड़ श्री सिन्हा को लेकर उम्मीदों से और भर गई।

उमड़ी भीड़ से गदगद श्री सिन्हा खुद को मेजबान और आम कार्यकर्ता की ही भूमिका में रखने की बराबर कोशिश में दिखे। वह अतिथियों को मंच पर सम्मानित करने के बाद नीचे उतर प्लास्टिक की कुर्सी पर बैठे। तब अपने किए वादों के पूरे होने पर भीड़ से मिल रहे रिस्पांस को लेकर उनका चेहरा चमक रहा था। विकास कार्यों के स्टालों पर अतिथियों और आमजन के साथ निरीक्षण के वक्त उनका चेहरा आत्मविश्वास से लबरेज दिख रहा था। मंच पर अपनी चार साल का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए श्री सिन्हा ने कहा-मुझे मोदीजी ने मंत्री बनाया तभी मुझे लगा कि अब मेरे लिए गाजीपुर की तस्वीर बदलने का मौका आ गया है। 

गाजीपुर के लोगों ने अपने जिले को लेकर जो सपना देखा है उसे पूरा करने में लगा हूं। जनता खुद अपने दिल पर हाथ रख सोचे कि 2014 से पहले का गाजीपुर और अब का गाजीपुर कहां पहुंच चुका है। अपने अगले एक साल की कार्य योजना की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि गाजीपुर को हवाई यात्रा की सुविधा मुहैया कराना है और उनका यह एक साल शिक्षा के विकास के लिए भी समर्पित रहेगा। अपने भाषण में वह जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चार साल के उपलब्धियों को गिनाना नहीं भूले तो भाजपा के खिलाफ लामबंदी के लिए विरोधियों पर तीखे वाण दागने से भी नहीं चूके। इस मौके पर श्री सिन्हा प्रस्तावित सड़कों, शौचालयों का लोकार्पण तथा शिलान्यास भी किए। कार्यकर्ताओं के लिए डिब्बाबंद नाश्ता तथा पानी की व्यवस्था थी।

जाहिर है कि मनोज सिन्हा का इस बार के अपने संसदीय कार्यकाल की उपलब्धियों को लेकर यह अंतिम और बड़ा कार्यक्रम था। लिहाजा विरोधी दलों की भी इस पर पूरी नजर लगी थी। कार्यक्रम में जुटी भीड़ पर चर्चा शुरू हो गई है। विरोधियों की मानी जाए तो जिस तरह श्री सिन्हा ने खुद इस कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार किया था और वाहनों का इतंजाम किया था। उसकी तुलना में भीड़ एक चौथाई भी नहीं पहुंची लेकिन भाजपा के जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने कहा कि उम्मीद से ज्यादा भीड़ थी। अपनी बात की पुष्टि के लिए उन्होंने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर आमजन को बैठने के लिए 15 हजार कुर्सियां लगी थीं। वह सभी भरीं थीं। 

बल्कि हजारों लोग खड़े थे। 17 हजार से अधिक नाश्ते के पैकेट बंटे। उधर खुफिया विभाग ने करीब दस हजार भीड़ की रिपोर्ट ऊपर भेजी है। कार्यक्रम के मंच पर विराजमान लोगों में काशी क्षेत्र के भाजपा पदाधिकारी रत्नाकर, शलील विश्वनोई, महेशचंद्र श्रीवास्तव, एमएलसी केदारनाथ सिंह, विधायक सुनीता सिंह व डॉ.संगीता बलवंत, नगर पालिका चेयरमैन सरिता अग्रवाल आदि थे। इनके अलावा नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन विनोद अग्रवाल, जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन सर्वजेश सिंह, प्रभुनाथ चौहान, राजेश्वर सिंह, विजय शंकर राय, उदय प्रताप सिंह, परीक्षित सिंह, डॉ.मुकेश सिंह वगैरह भी थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजकिशोर जायसवाल तथा संचालन काशी प्रांत के उपाध्यक्ष कृष्णबिहारी राय ने किया।

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