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गाजीपुर: न्याय की गुहार लेकर सदर विधायक पहुंची नंदगंज थाने, करिश्माई पुलिस कालू को बना रही है लालू और लालू को कालू

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर योगी सरकार की करिश्माई नंदगंज पुलिस की चर्चा इस समय सुर्खियों में है। वह जब चाहे कालू को लालू बना दे और लालू को कालू बना दे। उसकी इच्छा पर है कि वह फरियादी को मुल्जिम बनाकर जेल भेज दे और मुल्जिम को ऐश कराये। ऐसे ही एक मामले में न्याय की गुहार लेकर खुद सदर विधायक डा. संगीता बलवंत नंदगंज थाने पहुंची और थानेदार से न्याय की गुहार लगाईं कि मृतक सत्येंद्र बिंद के अंतिम बयान को दरकिनार करते हुए नंदगंज पुलिस उसके दादा के हत्या के आरोप में उसके भाईयों को जेल भेज दिया। विधायक ने बताया कि 16 जून 2016 को तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव की जनसभा सैदपुर में हो रहा था। शिवपाल यादव मंच से जनता को संबोधित कर रहे थे तभी किसोहरी निवासी सत्येंद्र बिंद ने शिवपाल यादव से मिलने का प्रयास किया। सुरक्षा वालों ने उसे रोक दिया। 

अपने अपमान से व्यथित सत्येंद्र बिंद ने अपने गांव के कोटेदार धर्मेंद्र गुप्ता और ग्राम प्रधान रमेश यादव पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा लिया। तत्काल सुरक्षाकर्मियों ने वाराणसी इलाज के लिए भर्ती कराया। सत्येंद्र बिंद ने मौत से पूर्व पुलिस को बयान दिया था कि कोटेदार और ग्राम प्रधान ने छेड़खानी का झूठा आरोप लगाकर हमे पुलिस से परेशान करा रहे हैं। वह कोटेदार की जांच के लिए डीएम को प्रार्थना पत्र दिया था। दो दिन बाद सत्येंद्र बिंद की मौत हो गयी। 16 जून को मृतक सत्येंद्र बिंद के भाई कमला बिंद ने थाने में कोटेदार व ग्राम प्रधान के खिलाफ उत्पीड़न का एफआईआर दर्ज कराया। 

दो साल तक इस मामले में नंदगंज पुलिस ने किसी भी अभियुक्त की गिरफ्तारी नही की है। तत्कालीन एसओ रविंद्र श्रीवास्तव व दरोगा राजेश त्रिपाठी ने पैसा लेकर 30 जनवरी 2018 को अपने फाइनल रिपोर्ट में कोटेदार और ग्राम प्रधान को निर्दोश साबित करते हुए मृतक का बयान खारिज कर दिया। इस घटना के कुछ दिन बाद मृतक सत्येंद्र बिंद के दादा हरदेव बिंद का रहस्यमय परिस्थितियों में खेत में शव मिला। इस घटना पर सत्येंद्र बिंद के घरवालों ने नंदगंज थाने में कोटेदार व ग्राम प्रधान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया कि दोनों ने साजिश कर दादा की हत्या करा दिये हैं। 

तत्कालीन एसओ रमेश यादव ने जांच के दौरान पैसा लेकर पूरे घटना को ही पलट दिया और मृतक सत्येंद्र बिंद के दादा के हत्या सत्येंद्र के भाई कमला बिंद और चाचा सुरेश बिंद को फंसा दिया और नंदगंज पुलिस ने कमला बिंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विधायक डा. संगीता बलवंत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मृतक सत्येंद्र बिंद के मरने से पूर्व वाले बयान को नंदगंज पुलिस ने खारिज करते हुए अपराधियों को दोष मुक्त कर दिया और पैसा लेकर हरदेव बिंद के हत्या में उनके लड़ने व नातियों को फंसा दिया। जबकि पूरा परिवार संयुक्त रुप से रहता है और खाना भी एक ही जगह बनता है। उन्होने कहा कि इस मामले के न्याय के लिए डीजीपी और मुख्यमंत्री से मिलेंगी और निर्दोषों को न्याय दिलाऊंगी।

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