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गाजीपुर: माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी के परिवार को कैसा सता रहा डर, क्या बोली पत्नी

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर माफिया डॉन प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी के परिवार को डर सता रहा है। यह डर माफिया डॉन के एनकाउंटर का है। लखनऊ में शुक्रवार को मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह मीडिया से मुखातिब हुईं। झांसी केंद्रीय जेल में निरुद्ध अपने पति की हत्या की साजिश का आरोप लगाईं। बताईं कि उनके पति को जेल से बाहर निकाल कर एनकाउंटर की साजिश एसटीएफ और पुलिस के कुछ उच्चाधिकारियों ने रची है। यह साजिश कुछ प्रभावशाली लोगों के इशारे पर रची गई है। 

सीमा सिंह ने कहा कि न सिर्फ उनके पति बल्कि परिवार के अन्य सदस्यों की भी हत्या करने की साजिश है। पति बीमार हैं और कोर्ट के आदेश पर एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम कर रही है। डॉक्टरों ने पति को यात्रा के लिए अस्वस्थ घोषित कर रखा है लेकिन साजिश के तहत बाहर के डॉक्टरों से उनका मेडिकल कराया जा रहा है। 

कोशिश उन्हें स्वस्थ घोषित करने की है। ताकि जेल स्थानांतरण के नाम पर पति को झांसी से निकाला जाए और उन्हें रास्ते में मुठभेड़ में उन्हें मार दिया जाए। सीमा सिंह ने बताया कि झांसी जेल में भी उन्हें जहर देकर मारने की कोशिश हुई थी। यह बात इसी साल नौ मार्च की है। कानपुर में तैनात एसटीएफ इंस्पेक्टर घनश्याम यादव झांसी जेल में पहुंचे और एक अन्य कैदी कमलेश को मिलाकर उनके पति को खाने में जहर देने का षड्यंत्र किए थे। इसकी शिकायत उन्होने खुद न्यायालय, मानवाधिकार आयोग सहित लंबंघिक प्रशासनिक अधिकारियों से की। जांच में सीसीटीवी फुटेज से एसटीएफ इंस्पेक्टर के जेल में आने तथा बंदी कमलेश से मिलने की पुष्टि हुई। सीमा सिंह ने बताया कि उनके भाई पुष्पजीत सिंह एडवोकेट की पांच मार्च 2016 को कर दी गई थी। इस लिए कि वह उनके पति की पैरवी करते थे। 

बाद में पुलिस विवेचना में नामजद अभियुक्तों को क्लीन चिट दे दी गई। फिर पिछले साल उनके परिवार के शुभचिंतक मोहम्मद तारिक की हत्या पहली दिसंबर को कर दी गई थी। बावजूद नामजद अभियुक्तों के खिलाफ कुछ नहीं हुआ। उनका कहना था कि इन सभी घटनाओं के षड्यंत्र में एसटीएफ के उच्च अधिकारी संबंधित अभियुक्तों एवं शूटरों को संरक्षण दे रहे हैं। यही नहीं बल्कि एसटीएफ के एक उच्च अधिकारी के संबंधित अभियुक्तों से पारिवारिक एवं करीबी रिश्ते भी हैं। 

उधर एसटीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मुन्ना बजरंगी की पत्नी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसकी ओर से खुद के बचाव में यह पेशबंदी का मामला है।मालूम हो कि मूलतः जौनपुर के रहने वाले माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी का गाजीपुर में भी खासा टेरर है। 29 नवंबर 2005 में हुए भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या में भी वह नामजद हैं। अंडरवर्ल्ड की मानी जाए तो मुन्ना बजरंगी के गैंग के कई शॉर्प शूटर गाजीपुर से जुड़े हैं।

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