गाजीपुर: लापता युवक की चौथे दिन गांव के बागीचे में पेड़ से लटकती मिली लाश, बहन ने दी हत्या की तहरीर - गाजीपुर न्यूज़ : Ghazipur News in Hindi, ग़ाज़ीपुर न्यूज़ इन हिंदी

गाजीपुर न्यूज़ : Ghazipur News in Hindi, ग़ाज़ीपुर न्यूज़ इन हिंदी

गाजीपुर न्यूज़, ग़ाज़ीपुर ब्रेकिंग न्यूज़, खेल समाचार, राजनीति न्यूज़, अपराध न्यूज़

Breaking

Post Top Ad

Post Top Ad

गाजीपुर: लापता युवक की चौथे दिन गांव के बागीचे में पेड़ से लटकती मिली लाश, बहन ने दी हत्या की तहरीर

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर भांवरकोल लापता युवक की लाश बुधवार की सुबह गांव के बागीचे के एक पेड़ से लटकती मिली। घटना सकोहां(भदौरा) गांव की है। युवक राजेश यादव(25) की छोटी बहन ने हत्या की तहरीर दी है। इसको लेकर गुस्साए ग्रामीण पहले तो लाश को बगैर किसी उच्चाधिकारी की मौजूदगी में पेड़ से उतराने से मना कर दिए। पुलिस किसी तरह लाश को कब्जे में लेकर थाने लौटी लेकिन ग्राणीण सजना गांव के पास हाइवे पर सुबह दस बजे रास्ता जाम लगा दिए। उनका कहना था कि यह सरासर हत्या का मामला है और इसमें भरौली(बलिया) के एक वकील का हाथ है।

राजेश यादव उजियार-भरौली(बलिया) के किसी अधिवक्ता का डीसीएम चलाता था। वह रविवार से लापता था। वह वकील कई बार राजेश के घर आए और उसके बारे में पूछते रहे। घरवालों को धमकी भी देते रहे। घरवालों को यह भी नहीं पता कि राजेश कब गांव में लौटा और बागीचे में कैसे तथा किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई। पेड़ की ऊपरी डाल में बंधी प्लास्टिक की रस्सी के फंदे से लटक रही थी। उसके शरीर पर कोई बाहरी चोट भी नहीं था। रास्ता जाम के वक्त एहतियातन भांवरकोल सहित मुहम्मदाबाद, करीमुद्दीनपुर तथा बरेसर थाने की पुलिस फोर्स मौके पर बुला ली गई थी। 

सूचना के बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार मुहम्मदाबाद रामाश्रय प्रसाद तथा सीओ महिपाल पाठक ने भरोसा दिया कि मृतक के परिवार को सरकारी मदद दिलाई जाएगी। साथ ही मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उसके बाद दोपहर १२ बजे रास्ता जाम खत्म हुआ। उसी क्रम में मृत राजेश की छोटी बहन जित्तन ने हत्या की तहरीर दी। उसमें उसने कथित हत्यारे वकील का नाम नहीं दिया लेकिन उस फोन नंबर का जिक्र की जिससे कि उसे कॉल कर राजेश को सबक सिखाने की धमकी दी गई थी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगा कि आखिर यह हत्या है अथवा आत्महत्या। वैसे राजेश के शरीर पर बाहरी चोट के कोई निशान नहीं थे।

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad