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गाजीपुर: कासिमाबाद प्रमुख बने अनिल राम, उप चुनाव में एकतरफा जीत

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर कासिमाबाद ब्लॉक प्रमुख पद के लिए शनिवार को हुए उप चुनाव का नतीजा अपेक्षित रहा। अनिल राम ने लगभग एकतरफा मुकाबले में सुभाष राम को 52 वोटों के अंतर से परास्त किया। कुल 120 में 119 वोट पड़े। उनमें अनिल को 81 और सुभाष के खाते में मात्र 29 वोट गए। नौ वोट अवैध हो गए। इनमें सात अनिल और शेष दो सुभाष राम के पक्ष के वोट थे। मतदान का काम निर्धारित समय सुबह 11 बजे शुरू हुआ। ब्लॉक मुख्यालय के अंदर तथा आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मतदान का खत्म होने के बाद वोटों की गिनती शुरू हुई। उसके बाद शाम करीब सवा चार बजे आरओ डीडीओ मिश्रीलाल ने परिमाण की घोषणा की। फिर तो अनिल के समर्थकों ने उन्हें फूलमाला से लाद दिया। इस मौके पर सीडीओ हरिकेश चौरसिया, एसडीएम रमेश यादव सहित अन्य कई अधिकारी मय फोर्स मौजूद रहे।

सियासी हलके में इस उप चुनाव में यही परिणाम की उम्मीद थी। अनिल राम को उनकी पार्टी बसपा और सपा का तो पूरा सहयोग मिला ही। भीतरखाने भाजपा-भासपा का भी उन्हें समर्थन था। अनिल राम अंसारी बंधुओं के खास हैं। एक लिहाज से देखा जाए तो अंसारी बंधुओं ने अनिल को ब्लाक प्रमुख चुनवा कर उनके पिता स्व. कांता राम को श्रद्धांजलि दी है। मालूम हो कि आम चुनाव में अंसारी बंधुओं ने कांता राम को कासिमाबाद ब्लॉक प्रमुख पद के लिए चुनाव मैदान में उतारा था लेकिन तत्कालीन सपा सरकार की मंत्री और क्षेत्रीय विधायक शादाब फातिमा के चलते बसपा छोड़ कर सपा में आए श्यामनारायण राम ने जीत हासिल कर ली थी।

हालांकि अंसारी बंधुओं ने उस वक्त सरकारी तंत्र का बेजा इस्तेमाल करने का श्यामनारायण पर आरोप लगाया था। इसके लिए वह राज्य निर्वाचन आयोग तक में शिकायत किए थे लेकिन कुछ नहीं हुआ था। बाद में कांता राम का असामयिक निधन हो गया। उसी बीच सपा सरकार की जगह भाजपा आ गई। तब श्यामनारायण भी पलटी मारे और भाजाप की सहयोगी पार्टी भासपा का दामन थाम लिए। बावजूद अंसारी बंधु अपने खास कांता राम की हार को भूले नहीं थे। उन्होंने गोटी बैठाई। स्व.कांता राम की जगह उप चुनाव में बीडीसी बने उनके बेटे अनिल की अगुवाई में श्यामनारायण राम के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव डलवाए। 22 अप्रैल को अविश्वास प्रस्ताव 76 के मुकाबले दो मतों से पारित हो गया था और श्यामनारायण को मिली प्रमुख की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। उप चुनाव के लिए हुए मतदान में उन्होंने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान के वक्त अनिल राम के समर्थन में पूर्व एमएलसी कशीनाथ यादव, जैहिंद पहलवान, पुंजेश सिंह, आशुतोष प्रताप, प्रेमशंकर सिंह, बलराम पटेल आदि मतदान सथल के पास मौजूद रहे।

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