गाजीपुर: सिर्फ जुबानी हो रही मुड़ियारी गांव के शौचालय की जांच - Ghazipur News ✔ | गाजीपुर न्यूज़ | Latest Ghazipur News in Hindi ✔

Ghazipur News ✔ | गाजीपुर न्यूज़ | Latest Ghazipur News in Hindi ✔

गाजीपुर न्यूज़, ग़ाज़ीपुर ब्रेकिंग न्यूज़, खेल समाचार, राजनीति न्यूज़, अपराध न्यूज़

Breaking

Post Top Ad

Post Top Ad

गाजीपुर: सिर्फ जुबानी हो रही मुड़ियारी गांव के शौचालय की जांच

जखनियां ब्लाक के मुड़ियारी गांव में निर्मित मानक विहीन शौचालय की जांच जिला पंचायत राज विभाग के अधिकारियों द्वारा एक पखवारे से सिर्फ जुबानी ही की जा रही है।
गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर जखनियां ब्लाक के मुड़ियारी गांव में निर्मित मानकविहीन शौचालय की जांच जिला पंचायत राज विभाग के अधिकारियों द्वारा एक पखवारे से सिर्फ जुबानी ही की जा रही है। घटिया सामग्री से बने भवन के गिरने की आशंका से लाभार्थी इसका इस्तेमाल करने से कतरा रहे हैं। वहीं स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ाते हुए लोग शौच के लिए खेतों की तरफ रूख कर रहे हैं।

ग्रामीण अब विभागीय अधिकारियों की लापरवाही को लेकर आक्रोशित हैं। वह कार्रवाई की आस लेकर अब उच्चाधिकारियों के कार्यालयों का चक्कर काटने को विवश है। गांव के दुबरी पाल, रामा, बाल किशुन, बबलु यादव, विजय शंकर यादव ने बताया कि सूची के मुताबिक तो शौचालय का निर्माण हुआ ही नहीं है। करीब 80 शौचालयों के हुए निर्माण में जमकर अनियमितता की गई है। निर्माण के समय ही शौचालय का निर्मित भवन गिर गया था। इसकी शिकायत जिला पंचायत राज विभाग में की गई थी। 

इस पर डीपीआरओ द्वारा जल्द ही जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया था। एक पखवारा से अधिक समय बीत गया, बावजूद इसके विभाग का कोई सक्षम अधिकारी इसकी जांच करने नहीं पहुंचा। उन्होंने दुर्घटना की आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि घटिया सामग्री से निर्मित शौचालय के भवन कभी भी गिर सकते हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि अधिकांश शौचालयों का मानक के अनुसार टैंक भी नहीं बनाया गया है। सिर्फ किसी तरह से खानपूर्ति की गई है। इस संबंध में डीपीआरओ लालजी दुबे ने बताया कि एडीपीआरओ को जांच का निर्देश दिया गया था। लोकसभा चुनाव में व्यस्तता के चलते जांच शुरू नहीं हो पाई है। जल्द ही शौचालयों की जांच कराई जाएगी।

अधिकांश शौचालय बिना छत के
नवनिर्मित अधिकांश शौचालयों के छत ही नहीं बने हैं। कुछ पर तो प्लाई की छत बना दी गई है। यही नहीं टैंक की भी व्यवस्था नहीं की गई है। सिर्फ खानापूर्ति के नाम भवन बनाकर चूने से पोताई कर दी गई है। ऐसे में जहां लाभार्थियों को काफी दिक्कत झेलनी पड़ रही है, वहीं विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की उदासीनता उनके लिए मुसीबत बन चुकी है।

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad