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गाजीपुर: पूर्वांचल में विकास का द्वार खोलेगी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे- एमएलसी चंचल सिंह

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर  एमएलसी चंचल सिंह ने बताया कि पूर्वांचल एक्स प्रेस-वे पूर्वांचल में विकास का द्वार खोलेगी। प्रदेश सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना पूर्वांचल एक्सप्रेस वे की शुरुआत कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे । यह 354 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस वे होगा जो देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेस वे होगा। प्रदेश के 9 जिले इसमें शामिल होंगे जिसमें धर्म नगरी अयोध्या, फैजाबाद, अंबेडकरनगर ,सुल्तानपुर, आजमगढ़, बाराबंकी ,अमेठी ,मऊ ,और गाजीपुर होंगे। इस बीच में आधा दर्जन फोरलेन सड़क में भी एक्सप्रेस वे से जुड़ेंगे जो प्रदेश की राजधानी लखनऊ को देश की कई सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक नगरों से भी जोड़ेंगी। 

एमएलसी ने बताया कि इस योजना में उत्तर प्रदेश के 9 जिले शामिल है. 14 जुलाई, 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना का आधारशिला रखेंगे – पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे जो 354 किमी लंबा है, भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे होगा. पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से लखनऊ और गाजीपुर जुड़ जाएंगे. 22 दिसंबर, 2016 को उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसी एक्सप्रेसवे के लिए आधारशिला रखी थी, लेकिन उस समय के दौरान परियोजना के लिए भूमि का आधा हिस्सा अधिग्रहण नहीं किया गया था. मौजूदा सरकार सत्ता में आने के बाद, पहले की परियोजना निविदा जमीन की कमी के कारण रद्द कर दी गई थी. अब इस परियोजना में कुछ बदलावों के साथ दोबारा पुनर्जीवित किया गया है। 354 किलोमीटर का ‘पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे’ उत्तर प्रदेश में बनने को तैयार है। 

एमएलसी चंचल सिंह ने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे देश का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे होगा. पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे जिला लखनऊ के चंदसराय से जिला गाज़ीपुर के हैदरिया को जोड़ेगा. इसके अतिरिक्त, एक्सप्रेस-वे को एक अलग लिंक रोड के माध्यम से वाराणसी से भी जोड़ा जाएगा.पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से प्रदूषण स्तर, समय बचाने, ईंधन की बचत, दुर्घटनाओं में कमी के साथ-साथ कई लाभ प्रदान करने की संभावना है. इसके अलावा, यात्रा समय पांच घंटे तक कम होने की उम्मीद की जा रही है.पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश के 9 जिलों- लखनऊ, गाज़ीपुर, अमेठी, आजामगढ़, फैजाबाद, बाराबंकी, मउ, अम्बेडकरनगर और सुल्तानपुर को निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगा. 

इसके अतिरिक्त यह 165 किलोमीटर लंबे आगरा-ग्रेटर नोएडा यमुना एक्सप्रेसवे और 302 किमी लंबे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के माध्यम से राष्ट्रीय राजधानी में भी जोड़ देगा.उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, जिसे इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) मोड पर बनाया जा रहा है, आठ लेन तक विस्तार योग्य होगा.मौजूदा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद पूर्वांचल एक्सप्रेसवे एक विशाल औद्योगिक गलियारा बन जाएगा. यह पूर्वी उत्तर प्रदेश को पश्चिमी सीमा से जोड़ देगा, जिसके परिणामस्वरूप राज्य के समग्र विकास होगा। उन्होरने बताया कि लखनऊ से गाजीपुर तक पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे जो उत्तर प्रदेश के नौ जिलों को जोड़ेगा, यही रोड राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली को 165 किलोमीटर आगरा-ग्रेटर नोएडा और 302 किलोमीटर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से जोड़ेगा. 

यह योजना 341 किलोमीटर 6 लेन के लिए है जिसे 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है.पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे परियोजना, जिसे राज्य के सबसे दूरस्थ और कम विकसित पूर्वी क्षेत्र को बदलने के लिए विकसित किया जा रहा है. इस एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए 11,800 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है जिसमें परियोजना निर्माण के लिए और करीब 11,800 करोड़ रुपये और भूमि की लागत के लिए करीब 6,500 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है.पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे दुर्घटनाओं में कमी के साथ प्रदूषण स्तर, ईंधन की बचत, समय का बचाव जैसे कई तरीकों से लाभदायक होगा. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर अनुमानित यात्रा का समय ढाई से पांच घंटे होगा. 

इसके अतिरिक्त, एक्सप्रेसवे के नजदीक नए शैक्षिक संस्थान, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, चिकित्सा संस्थान, नए टाउनशिप और अन्य विभिन्न वाणिज्यिक भवन बनाए जाएंगे जो रोजगार पैदा करेंगे.मौजूदा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद पूर्वांचल एक्सप्रेसवे एक विशाल औद्योगिक गलियारा बन जाएगा. यह पूर्वी उत्तर प्रदेश को पश्चिमी सीमा से जोड़ देगा, जिसके परिणामस्वरूप राज्य के समग्र विकास होगा.इस परियोजना के लिए, जिसे 8 पैकेजों में बांटा गया है, 12 कंपनियां जून में वित्तीय बोलियां लगाएगी. पहला पैकेज 40.47 किमी का है और इसमें 5 बोलीदाता हैं, दूसरा पैकेज 39.70 किमी का है जिसमें 6 बोलीदाता हैं, तीसरा पैकेज 41.70 किमी का है और इसके लिए 5 बोलीदाता हैं, चौथा पैकेज 43.70 किमी का है और इसमें 5 बोलीदाता होंगे, पांचवा पैकेज 54 किमी का है और इसमें 4 बोलीदाता हैं, छठा पैकेज 28.70 किमी का है और इसमें 5 बोलीदाता हैं, सांतवा पैकेज 46.08 किमी का है और इसमें 6 बोलीदाता हैं और आठवां पैकेज 47.9 7 किमी का है और इसमें 6 बोलीदाता हैं.

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