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गाजीपुर: सरकार को बैकफुट पर लाकर विजयोल्लास में विद्युत कर्मी, विजय जुलूस के रूप में बदला विरोध जुलूस

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर निजीकरण के मामले में प्रदेश सरकार को बैकफुट पर लाकर विद्युतकर्मी बेहद खुश हैं। शुक्रवार को उनका प्रस्तावित बाइक जुलूस विजय जुलूस में बदल गया। जुलूस आमघाट गांधी पार्क से शाम दो बजे शुरू हुआ और नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए बड़ीबाग स्थित मंडल कार्यालय पर धन्यवाद सभा के साथ समाप्त हुआ। 

जुलस जगह-जगह रुक कर बताया कि विद्युत वितरण व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपा गया होता तो आम उपभोक्ताओं का कैसे अहित होता। धन्यवाद सभा में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के गाजीपुर संयोजक निर्भय नारायण सिंह ने बताया कि निजीकरण के खिलाफ लामबंद विभागीय कर्मियों के १९ दिनों तक चले प्रदेशव्यापी आंदोलन का ही नतीजा रहा कि सरकार को अपने फैसले से यूटर्न लेना पड़ा है। 

बताए कि प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा की मौजूदगी में समिति के केंद्रीय नेतृत्व समूह और प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार, एमडी अर्पणा यू एवं निदेशक कार्मिक एसपी पांडेय के बीच बिंदुवार लिखित समझौता हुआ। उसमें प्रबंध की ओर से बताया गया कि निजीकरण के लिए जारी किए गए टेंडर वापस लिया गया है। साथ ही मौजूदा विभागीय संसाधनों से ही विद्युत वितरण व्यवस्था में अपेक्षित सुधार होगा। भविष्य में कहीं निजीकरण की बात आई भी तो वह काम बगैर विभागीय अधिकारियों को विश्वास में लिए नहीं होगा। 

आंदोलन को लेकर किसी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। अन्य समस्याओं के निराकरण की कार्यवाही भी होगी। श्री सिंह ने कहा कि यह न सिर्फ विभागीय कर्मियों की जीत है बल्कि आमजन की भी जीत है। अगर निजीकरण होता तो तय था कि आमजन को भी उसका खामियाजा भुगतना पड़ता। 
उन्होंने बताया कि समिति के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर आंदोलन के क्रम में पूर्व घोषित मशाल जुलूस, हड़ताल भी वापस ले लिया गया है। जुलूस में अधीक्षण अभियंता आरआर प्रसाद सहित इंजीनियर एसके सिंह, एके सिंह, आशीष चौहान, महेंद्र मिश्र, एसएन मौर्य, महेंद्र प्रसाद, शिवम राय, अभिषेक राय, अमित कुमार, चंद्रमा प्रसाद, रत्नेश जायसवाल, संतोष कुमार, मिथिलेश यादव, नीरज सोनी सहित प्रेमचंद, जितेंद्र गुप्त, चित्रसेन, विनोद कुमार, संजय श्रीवास्तव, सुरेश सिंह, इंतजार अहमद, विनय तिवारी, विष्णु राय, राकेश चौधरी, अजय विश्वकर्मा, रामअवध राम, अंसर अली, आएएन सिंह, पंकज सिंह, शशिकांत, जयप्रकाश, विजय शंकर राय, अरविंद कुशवाहा, महेंद्र नाथ, सिकंदर रजा, रमेश यादव, पीतांबर, दिनेश विश्वकर्मा, अश्वनि, प्रमोद, संजय यादव, प्रवीण, जितेंद्र, भानु, रामदुलार, शाहिद, सुनील, अनिल गुप्त, एके सिन्हा, धर्मेंद्र सिंह, बिजेंद्र यादव, अभिमन्यु यादव, बलवंत यादव, ब्रजेश आदि थे। मालूम हो कि प्रदेश सरकार वाराणसी समेत पांच महानगरों के अलावा रायबरेली, कन्नौज, इटावा, ऊरई, मऊ, बलिया तथा सहारनपुर जिले को निजी हाथों में सौंपने के लिए टेंडर आमंत्रित करने के बाद पिछले माह ही अंतिम कार्यवाही पूरी करने की तैयारी कर चुकी थी।

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