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बच्चों की मौत केस में निलंबित BRD मेडिकल कालेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्रा व डॉ. सतीश बहाल

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गोरखपुर बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में 10-11 अगस्त 2017 को हुई बच्चों की मौत के मामले में निलंबित चल रहे कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्रा और पूर्व विभागाध्यक्ष एनेस्थीसिया डॉ. सतीश कुमार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के आदेश पर बहाल कर दिया गया है। गुरुवार को प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने डॉ. राजीव मिश्रा को पैथालॉजी व डॉ. सतीश कुमार को एनेस्थीसिया विभाग में ज्वाइन करा दिया। 

बच्चों की मौत के मामले में शासन ने 12 अगस्त, 2017 को प्राचार्य रहे डॉ. राजीव मिश्रा व डॉ. सतीश कुमार को निलंबित कर दिया था। प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि दोनों डॉक्टर अपने विभाग में कार्य करते रहेंगे और उनके खिलाफ विभागीय जांच चलती रहेगी।

लखनऊ में दर्ज हुआ था मुकदमा
बच्चों की मौत के बाद मुख्य सचिव राजीव कुमार की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय टीम ने मामले की जांच की थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर 23 अगस्त 2017 को लखनऊ के हजरतगंज थाने में पूर्व प्राचार्य सहित नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। बाद में मुकदमे की फाइल विवेचना के लिए गोरखपुर के गुलरिहा थाने भेज दी गई थी।

इन धाराओं में है मुकदमा
बच्चों की मौत मामले में गबन (धारा 409), सदोष मानव वध (308), आपराधिक साजिश (120 बी), धोखाधड़ी (420), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (धारा 7/13 व 8), इंडियन मेडिकल कौंसिल एक्ट 1956 (धारा 15) तथा सूचना तकनीकी अधिनियम 2000 (धारा 66) के तहत मुकदमा दर्ज है।

मुकदमे में ये हैं आरोपित
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्रा, उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला, इंसेफ्लाइटिस वार्ड के प्रभारी रहे डॉ. कफील खान, एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष रहे डॉ. सतीश, चीफ फार्मासिस्ट गजानंद जायसवाल, लेखा विभाग के सहायक लिपिक संजय त्रिपाठी, कनिष्ठ लिपिक सुधीर कुमार व उदय शर्मा तथा मेडिकल कॉलेज में आक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म पुष्पा सेल्स के संचालक मनीष भंडारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज है।

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