श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से फंसे मजदूरों और लोगों को घर भेजेगा रेलवे, आदेश जारी
गृह मंत्रालय की ओर से 1 मई को जारी आदेश में कहा गया है रेल मंत्रालय इसके लिए नोडल अफसर की नियुक्ति करेगा.
गाजीपुर न्यूज़ टीम, नई दिल्ली. देश में लॉकडाउन (Lockdown) के कारण अलग-अलग हिस्सों में फंसे प्रवासी मजदूरों, छात्रों, पर्यटकों औेर अन्य लोगों के लिए गृह मंत्रालय और रेल मंत्रालय ने शुक्रवार को राहत देने वाला फैसला लिया है. गृह मंत्रालय ने घोषणा की है कि विभिन्न राज्यों में फंसे लोगों को अब स्पेशल ट्रेनों से घर भेजा जाएगा. इसके बाद रेल मंत्रालय ने जानकारी दी कि रेलवे की ओर से 1 मई को मजदूर दिवस के मौके पर 'श्रमिक स्पेशल' ट्रेनें शुरू की जा रही हैं. इनके जरिये फंसे लोगों और मजदूरों को घर भेजा जाएगा.
गृह मंत्रालय की ओर से 1 मई को जारी आदेश में कहा गया है रेल मंत्रालय इसके लिए नोडल अफसर की नियुक्ति करेगा. रेलवे के अनुसार यात्रा से पहले लोगों की मेडिकल जांच की जाएगी. जो लोग ठीक पाए जाएंगे, वे ही यात्रा कर पाएंगे. इन लोगों को रेलवे स्टेशन लाने के लिए राज्य सरकारें सोशल डिस्टेंसिंग नियम का पालन करते हुए सैनिटाइज की गई बसों का इस्तेमाल करेंगी.
रेलवे ने साफ किया है कि हर यात्रा को मास्क से चेहरा ढकना आवश्यक होगा. इसके साथ ही उनके खानपान की व्यवस्था उन्हें भेजने वाली राज्य सरकार स्टेशन पर करेगी. लंबी यात्रा के दौरान रेलवे यात्रियों को एक बार का खाना मुहैया कराएगी.
Ministry of Home Affairs allows the movement of migrant workers, tourists, students and other persons stranded at different places, by special trains. pic.twitter.com/cYFRCvTBLj— ANI (@ANI) May 1, 2020
गंतव्य स्थान पहुंचने के बाद संबंधित राज्य सरकार यात्री की स्क्रीनिंग और उनके आगे की यात्रा तय करेगी.
यह नोडल अफसर लोगों की आवाजाही को लेकर राज्य सरकारों से संपर्क में रहेंगे. रेल मंत्रालय टिकट की बिक्री और ट्रेनों, प्लेटफॉर्म व स्टेशनों के सोशल डिस्टेंसिंग समेत कोरोना वायरस से बचने के अन्य सुरक्षा उपाय के लिए गाइडलाइंस जारी कर सकता है.
तेलंगाना से झारखंड के लिए चली पहली ट्रेन
प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए तेलंगाना में लिंगमपल्ली (Lingampalli) से झारखंड के हटिया तक (Hatia (Jharkhand) 1200 प्रवासियों को ले जाने वाली पहली ट्रेन शुक्रवार सुबह 4:50 बजे चली. 24 कोच की ट्रेन आज रात 11 बजे झारखंड के हटिया पहुंचेगी. दिशानिर्देशों के अनुसार क्वारंटाइन सहित सभी उचित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा. लिंगमपल्ली (हैदराबाद) से हटिया (झारखंड) तक जो विशेष ट्रेन चलाई गई वो तेलंगाना सरकार के अनुरोध पर और रेल मंत्रालय के निर्देशानुसार चलाई गई है.
बता दें कि इससे पहले गृह मंत्रालय ने फंसे लोगों को घर भेजने के लिए बसों के इस्तेमाल के लिए कहा था. लेकिन इसका कुछ राज्यों ने विरोध किया था और कहा था कि लोगों को भेजने कि लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं.
