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गाजीपुर: घर से निकली तीन अर्थियां तो रो पड़े मोहल्लेवासी

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर गंगा दशहरा की आस्था और उमंग इस कदर जख्म देंगे सुनीता और द्रौपदी को क्या पता था। आंखों के सामने कलेजे के टुकड़ों को इस कदर गंगा की गोद में समाते और कुछ न कर पाने की कसक जेहन से शायद ही कभी जा पाए। घर परिवार के साथ सगे-संबंधी, नात-रिश्तेदार, गांव और क्षेत्र भी रो पड़ा जब एक साथ तीन अर्थियां एक ही घर से निकलीं। सुनीता के दोनों बेटों की मौत के साथ ही उसके दफन हो गए अरमान, बुझ गए चिराग। नियति की क्रूरता को लोग कोसते रहे।

तीनों का शव घर पहुंचा तो परिवार के सदस्य दहाड़े मारकर रोने-बिलखने लगे। दरवाजे पर मोहल्ले वासियों की भीड़ लग गई। कुछ देर बाद जब एक घर से तीन अर्थियां उठीं तो इस हृदय विदारक ²श्य को देख वहां मौजूद लोगों के आंखों से आंसू बहने लगे। नगर क्षेत्र के मोहनपुरवा मोहल्ला निवासी सुरेंद्र व भाई अंजनी कश्यप गोराबाजार में ठेला लगाकर परिवार का पालन पोषण करते हैं। सुरेंद्र के दो पुत्र शिवम कक्षा छह व सौरभ सात में पढ़ता था, जबकि अंजनी का पुत्र अक्षय उर्फ चुन्नू चार भाई में तीसरे नंबर पर था। 

वह पिता के साथ काम में हाथ बंटाता था। सुबह जब गंगा दशहरा पर्व पर शिवम व सौरभ की मां सुनीता व अक्षय की मां द्रौपदी परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गंगा स्नान के लिए जाने लगी तो तीनों भी जिद करने लगे और छोटा महादेवा घाट पहुंच गए थे। तीनों कलेजे के टुकड़ों को आंख के सामने गंगा में समाता देख परिवार की महिलाएं गंगा घाट पर रुदन-क्रंदन करने लगी। हादसे की जानकारी मिलते ही पिता सुरेंद्र व अंजनी भी घटना स्थल पर पहुंच गए व पानी से शव निकले ही लिपटकर रोने-बिलखने लगे। यह दृष्य देखकर हर किसी की आंखे नम हो गई। घटना के बाद नगर समेत पूरे मोहल्ले में मातम छाया हुआ है।
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