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जरा संभलकर! आपके खाने पर है बैक्टीरिया की नजर, इन बातों का रखें ध्यान

गाजीपुर न्यूज़ टीम, World Food Security Day 2020: बैक्टीरिया संक्रमण के सबसे बड़े कारणों में से एक है। संजय गांधी पीजीआइ की पोषण विशेषज्ञ डॉ. अर्चना सिन्हा और डॉ. रीता आनंद कहती हैं कि खराब खाने की वजह में बैक्टीरिया, वायरस और रसायन बड़े कारण हैं। दूषित खाना खाने की वजह से डायरिया की बीमारी सबसे अधिक होती है। सेलमोनेला, कंपाइलो वेक्टर, ई कोलाई सहित अन्य बैक्टीरिया हैं जिनसे संक्रमण होता है।  डायबिटीज जैसी बीमारी खाने की वजह से ही है। खाना दूषित है तो आपको हार्ट से लेकर मोटापा जैसी परेशानी होने का खतरा हमेशा बना रहता है। इस पर ध्यान न दिया गया तो नौ में से एक व्यक्ति में इससे परेशानी होगी।

यह करें, नहीं होगी फूड प्वाइजनिंग
  • घर में साफ.-सफाई के साथ खाना बनाएं और खाएं,  क्योंकि बाहर के खाने में गंदगी और इंफेक्शन का खतरा हमेशा बना रहता है
  • बाजार में मिलने वाले चमकदार और रंगीन खाद्य पदार्थों का सेवन कम से कम करें
  • फल और सब्जियों को हमेशा ठीक से धोकर खाएं
  • स्टिकर वाले फलों का उपयोग करने से बचें
  • जरूरी पोषक तत्व देने वाले खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करें
  • अपने खाने को पॉलीथिन या अखबार में लपेटकर न रखें, प्लास्टिक के बर्तन में गरम भोजन न रखें
  • 4 से 6 घंटे पहले बने भोजन का उपयोग करने से बचें
  • फल और सब्जियों का उपयोग करते समय सड़े-गले फलों को न खाएं
  • पैक आइटम लेते से उस पर एक्सपाइरी देखें

पैक फूड से खतरा
परंपरागत भारतीय खानपान के स्थान पर आधुनिक और पाश्चात्य शैली पर आधारित रेडी-टू-ईट, पैकेज्ड या डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ, जंक फूड और फास्ट फूड के सेवन से हमारे शरीर में हानिकारक तत्वों की वृद्धि होती है।

घर का खाना सबसे बेहतर
पोषण विशेषज्ञ डॉ. शिल्पी पाण्डेय के मुताबिक जीवन शैली और काम के तनाव के कारण युवा घर पर बने खाने की बजाय मार्केट में उपलब्ध रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। होटल और टिफिन वाले भोजन में पौष्टिकता की बजाय स्वाद पर बल दिया जाता है। इसीलिए स्वाद और फैशन के चक्कर में खाद्य पदार्थों के निर्माण में टेस्ट मेकर, हानिकारक रसायनों, सिंथेटिक कलर, वसा, शुगर, ट्रांस फैट आदि का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाता है।

भोजन में दिखें ये बदलाव तो खाने से बचें

भोजन का रंग बदलना
अगर आप सब्जियों को फ्रिज में दो हफ्तों से अधिक समय तक रखते हैं और आपको किसी सब्ज्ी का रंग बदलता दिखे तो समझ जाइए वह खाने लायक नहीं है।

खाने में बुलबुले उठना
सूप या करी पकाते समय उसमें बुलबुले उठते दिखें तो न खाएं। अगर फ्रिज से निकालने केबाद खाने में बुलबुले उठें तो भी उसे न खाएं।

फल-सब्जियां नरम हो जाना
खाने से पहले देख लें कि फल या सब्जियां कहीं नर्म या पिलपिले न हो गए हों। इसका मतलब है वे खराब हो चुकी हैं।

भोजन पर सफेद परत जमना
खाना खराब होने का पहला संकेत यही है। ब्रेड, अचार जैसी चीजों में यह अक्सर देखा जाता है। बहुत से लोगों को आदत होती है कि वह ऊपर की सफेद परत हटा देते हैं और बाकी का हिस्सा खाने में इस्तेमाल करते हैं। इसकी वजह से डायरिया, पेटदर्द या फूड पॉयजनिंग हो सकती है।

दूषित भोजन के कारण
66 फीसद : बैक्टीरिया
26 फीसद : रसायन
4 फीसद : वायरस  
4 फीसद : पैरासाइट
(इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फूड साइंस एंड न्यूट्रिशन के अनुसार)  

नंबर गेम
09 में से एक व्यक्ति दूषित खाने से होता है बीमार
13.2 फीसद लोग दूषित भोजन से होते हैं प्रभावित
44 से ज्यादा लोग भारत में हर मिनट दूषित खाने की वजह से  होते हैं बीमार (डब्ल्यूएचओ के अनुसार)