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PM मोदी 5 अगस्त को रख सकते श्रीराम मंदिर की आधारशिला,रामजन्मभूमि ट्रस्ट की बैठक कल

गाजीपुर न्यूज़ टीम, अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि में विराजमान रामलला के भव्य व दिव्य मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन और आधारशिला रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  पांच अगस्त को अयोध्या आ सकते हैं। रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शनिवार को प्रस्तावित बैठक में प्रधानमंत्री के आगमन के कार्यक्रम पर मुहर लग जाएगी और इसके साथ ही अटकलों पर विराम। फिलहाल बैठक की तैयारियां अंतिम दौर में हैं। इस बैठक में शामिल होने के लिए अधिकांश ट्रस्टी भी अयोध्या पहुंच चुके हैं। साथ ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक के सर कार्यवाह डा. कृष्ण गोपाल ने भी यहां डेरा डाल दिया है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघ चालक मोहन भागवत भी आ सकते हैं। 

श्रीराम मंदिर की आधारशिला रखने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी के साथ संघ प्रमुख व सर संघ चालक मोहन भागवत भी यहां आ सकते हैं। ट्रस्ट के विश्वस्त सूत्रों के अनुसार कोरोना की वैश्विक महामारी को देखते हुए पीएमओ की ओर से 25 दिसम्बर गीता जयंती की तिथि तय की जा रही थी, लेकिन मंदिर निर्माण कार्य में काफी विलम्ब हो जाने की आशंकाओं को लेकर ट्रस्ट की ओर से शीघ्रातिशीघ्र समय तय करने का आग्रह किया गया था। इसके बाद भाद्र पद द्वितीया तदनुसार पांच अगस्त दिन बुधवार की तिथि को हरी झंडी मिल गयी।

नृत्य गोपाल दास के आमंत्रण के बाद पीएम मोदी ने बदला विचार
हालांकि इस तिथि पर भी वर्चुअल ढंग से ही भूमि पूजन की बात थी लेकिन एक जुलाई को ट्रस्ट के अध्यक्ष व मणिराम छावनी पीठाधीश्वर महंत नृत्यगोपाल दास महाराज द्वारा संत समाज की ओर से भेजे गये पत्र के बाद प्रधानमंत्री श्री मोदी ने स्वयं उपस्थित होने का निर्णय लिया है। इसकी अधिकारिक घोषणा ट्रस्ट की बैठक में मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र करेंगे। इसके बाद भूमि पूजन की तिथि पर ट्रस्टीगण अपनी मुहर लगाएंगे और भी फिर सार्वजनिक घोषणा ट्रस्ट के माध्यम से ही की जाएगी।

नृपेन्द्र मिश्र ने डीएम के साथ प्रथम पाली में रामलला का दर्शन किया
उधर बैठक को लेकर ट्रस्टी व हरिद्वार के वयोवृद्ध संत युगपुरुष स्वामी परमानंद महाराज यहां देर शाम पहुंच गये हैं। उनके लिए रामघाट स्थित श्रीरामचरित मानस भवन में सूट आरक्षित किया गया है। इसी तरह महाराष्ट्र से ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देव गिरि भी यहां शुक्रवार को सुबह ही पहुंच गये लेकिन वह अपने करीबी संत के आश्रम में ठहरे हैं। इसके अलावा मंदिर आंदोलन के दौर में रामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ पहली ईंट रखने वाले कामेश्वर चौपाल भी अपराह्न यहां पहुंच गये हैं।  इस बीच मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र ने जिलाधिकारी अनुज कुमार झा के साथ प्रथम पाली में रामलला का दर्शन किया। वहीं शाम को ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ सर्किट हाउस में बैठक भी की।
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