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मनरेगा में गबन का आरोपित अभियंता 12 साल बाद गिरफ्तार

गाजीपुर न्यूज़ टीम, वाराणसी। मनरेगा में 13.50 लाख रुपये गबन के आरोपित अवर अभियंता को 12 साल बाद गिरफ्तार कर लिया गया। चंदौली के चकिया ब्लॉक में साल 2006-07 में गबन के आरोपित मूलचंद वर्मा को आर्थिक अपराध शाखा वाराणसी की टीम ने गुरुवार को प्रयागराज के मांडा ब्लॉक में उसके आवास के पास से गिरफ्तार किया। जौनपुर के सुजानगंज थाना क्षेत्र के कोदई गांव निवासी आरोपित वर्तमान में प्रयागराज में मांडा ब्लॉक में तैनात था। इस मामले में काफी लंबी जांच चली।
चंदौली में वर्ष 2006-07 के दौरान मरनेगा के तहत चकिया विकासखंड के जंगल चुड़िया ग्रामसभा के पुरानाडीह में क्षेत्र पंचातय कोष से आवंटित धनराशि से तालाब निर्माण, पोखरा खुदाई, सड़क व बंधी निर्माण होना था। सभी कार्य मनरेगा मजदूरों से न कराकर ट्रैक्टर और अन्य मशीनों का इस्तेमाल किया गया। फर्जी मजदूरों का नाम डालकर मस्टररोल तैयार कर भुगतान किया गया। इसके लिए फर्जी हस्ताक्षर किये गये और अंगूठे लगवाये गये। शिकायत पर वर्ष 2007 में चकिया थाने पर मुकदमा दर्ज कराया गया।

मामले में अवर अभियंता मूलचंद वर्मा समेत कई पर आरोप सही मिले। इस आधार पर ईओडब्ल्यू एसपी प्रदीप कुमार ने गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की। टीम में निरीक्षक सुनील कुमार वर्मा, चंद्रप्रकाश त्रिपाठी, सिपाही शशिकांत सिंह, विनीत पांडेय, रोहित सिंह गुरुवार को को मांडा पहुंचे और आवास के पास से गिरफ्तार कर लिया। सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि अवर अभियंता को एन्टी करप्शन कोर्ट में प्रस्तुत किया जायेगा। 

ब्लॉक प्रमुख भी गबन में शामिल, पति को बनाया था ठेकेदार
मनरेगा के 13.50 लाख रुपये गबन के मामले में अवर अभियंता रहे मूलचंद वर्मा ही नहीं, साल 2006-07 में ब्लॉक प्रमुख, बीडीओ और ग्राम पंचायत अधिकारी भी शामिल रहे। ईओडब्ल्यू वाराणसी की टीम की जांच में तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख की भी संलिप्तता पाई गई थी। यही नहीं तत्कालीन चकिया ब्लॉक प्रमुख मंजिला देवी ने अपने पति शंभूनाथ यादव को ही ठेके आवंटित करा दिये थे। सफेदपोशों ने अफसरों और ग्राम पंचायत अधिकारियों के साथ मिलकर खेल किया था।

नामजद तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख पति एवं ठेकेदार शंभूनाथ यादव सहित इनकी पत्नी ब्लॉक प्रमुख मंजिला देवी, विकास खंड चकिया के तत्कालीन खंड विकास अधिकारी फूलचंद, ग्राम पंचायत अधिकारी लालजी राम, ग्राम विकास अधिकारी राजेश्वर प्रसाद पाल, तत्कालीन सहायक आंकिक अंजनी कुमार सोनकर और तत्कालीन अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा मूलचंद वर्मा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। ईओडब्ल्यू के निरीक्षक सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि अन्य आरोपितों ने अग्रिम जमानत ले रखी है। इसलिए गिरफ्तारी नहीं की गई। एक आरोपित की गिरफ्तारी की जानी है।