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कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन कराने के साथ फिर शुरू होंगे प्रशिक्षण संस्थान

गाजीपुर न्यूज़ टीम, लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में खुले केंद्रीय व राजकीय प्रशिक्षण संस्थानों को कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन कराते हुए फिर से शुरू करने का निर्देश दे दिया है। अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक मुकुल सिंहल ने सभी विभागाध्यक्षों को इस संबंध में निर्देश भेज दिया है। उन्होंने कहा है कि प्रशिक्षण शुरू कराने से पहले और प्रशिक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।
जहां तक संभव हो प्रशिक्षण कार्यक्रमों को डिजिटल, ऑनलाइन, वर्चुअल तरीके से आयोजित करने को कहा गया है। भौतिक और डिजिटल रूप से अलग-अलग प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। भौतिक प्रशिक्षण में कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। क्लास रूम, स्टॉफ रूम, ऑफिस, हास्टल, कॉरिडोर, लॉबी, कॉमन एरिया और शौचालय आदि की पूरी तरह से सफाई कराने के साथ सैनिटाइजेशन कराया जाएगा। प्रशिक्षुओं व कर्मियों को आरोग्य सेतु ऐस अनिवार्य रूप से डाउनलोड कराया जाएगा। वहां खांसी, बुखार आने पर तुरंत कोविड की जांच कराई जाएगी।

प्रवेश प्रतिबंधित होगा
प्रशिक्षण संस्थानों में आगंतुकों का प्रवेश प्रतिबंधित होगा। जरूरी होने पर निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार और जांच के बाद ही आने की अनुमति दी जाएगी। प्रवेश द्वार, संस्थान के सभी प्रमुख स्थानों जैसे रिसेप्शन, कांफ्रेंस रूम, लेक्चर हॉल आदि में टच फ्री हैंड लिक्विड, हैंड सैनिटाइजर की व्यवस्था की जाएगी। थर्मल स्कैनिंग और सैनिटाइजेशन के बाद ही अंदर आने की अनुमति दी जाएगी।

इनके लिए ऑनलाइन व्यवस्था की जाएगी
हाई रिक्स वाले व्यक्तियों और महिलाओं जैसे गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली माताएं, गंभीर अस्थमा या पुरानी फेफड़ों की बीमारी वाले, उच्च रक्तचाप, डायलिसिस गुजारने वाले रोगी, किडनी रोगी, दिल की गंभीर स्थिति वाले या डॉक्टर की सलाह वालों को ऑनलाइन प्रशिक्षण में शामिल किया जाएगा। प्रशिक्षण में शामिल करने से पहले फिटनेस की जांच की जाएगी।

आने-जाने की व्यवस्था की जाए
प्रशिक्षु अधिकारियों व कर्मियों को लाने व ले जाने के लिए हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन या बस स्टेशन से लाने ले जाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। उनके रहने की व्यवस्था की जाएगी। किसी भी स्थिति में दो से अधिक प्रशिक्षुओं को एक साथ नहीं रखा जाएगा। लगातार सत्रों के बीच अंतराल रखा जाएगा। प्रशिक्षण सामग्री पहले से उपलब्ध कराई जाएगी।