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गांव-कस्बों में होगी कोरोना मरीज की वीडियो निगरानी, देखरेख में काम करेगा कॉल सेंटर

गाजीपुर न्यूज़ टीम, लखनऊ. टेली मेडिसिन प्रक्रिया की तर्ज पर अब कोरोना मरीजों का भी इलाज किया जाएगा। इसके लिए नेशनल हेल्थ मिशन की देखरेख में एक कॉल सेंटर स्थापित करने की तैयारी है। जिसमें तीन चिकित्सक और लगभग 30 नर्स मौजूद रहेंगी। यह गांव-कस्बों के कोरोना मरीजों की देखरेख वीडियो कॉल के जरिए करेंगे। यह काल सेंटर पीपीई मॉडल पर बनाया जाएगा। आगे चलकर इस तरह के कॉल सेंटर से प्रदेश भर की लगभग एक लाख 30 हजार आशा कार्यकर्त्री और 30 एएनएम को भी जोड़ा जाएगा। 
लखनऊ में स्थापित होगा काल सेंटर
नेशनल हेल्थ मिशन ने लखनऊ में पीपीई मॉडल पर एक कॉल सेंटर खोलने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। इसके जरिए बढ़ रहे कोरोना मरीजों का सफल और बेहतर इलाज किया जाएगा। इस काल सेंटर के जरिए नर्स मरीज से सीधा संपर्क स्थापित करके हालचाल लेकर उनका इलाज करेगी। इसके बावजूद अगर उन्हें डॉक्टरी सलाह की जरूरत पड़ी तो उस कॉल को वह काल सेंटर में ही बैठे डाक्टर को अग्रसारित कर देंगी। नेशनल हेल्थ मिशन इस टेंडर को 31 अगस्त से जारी करेगा।

आशा कार्यकर्त्रियो और एएनएम को जोड़ने की तैयारी
नेशनल हेल्थ मिशन का यह प्रयोग अगर सफल रहा तो पूरे प्रदेश की एक लाख तीस हजार आशा कार्यकर्त्रियों और 30 हजार एएनएम को भी जोड़कर स्वास्थ्य मिशन को और मजबूती दी जाएगी। आईटी विशेषज्ञ और काल सेंटर संचालक संदीप सक्सेना बताते हैं कि पहले चरण में इस कॉल सेंटर को 30 नर्स और तीन चिकित्सक तक ही सीमित रखा जाएगा। लेकिन बाद में इसे 60 और 80 नर्स स्टाफ तक बढ़ाने की भी तैयारी है। वह बताते हैं कि अगर नेशनल हेल्थ मिशन का यह प्रयोग सफल रहा तो गांव-देहात में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती में भी शामिल किया जाएगा।