बलिया लाया गया मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह, आज कोर्ट में पेशी के बाद रिमांड लेगी पुलिस
गाजीपुर न्यूज़ टीम, बलिया. बलिया हत्याकांड के मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह को एसटीएफ रविवार की शाम बलिया ले आई। लखनऊ से धीरेंद्र को लेकर एसटीएफ की टीम सीधे कोतवाली पहुंची और उसे थाने की लॉकअप में डाल दिया। कल उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। अभी तक वारदात में इस्तेमाल असलहा नहीं मिल सका है। एसे में कोर्ट से धीरेंद्र सिंह की रिमांड भी पुलिस मांगेगी।
दुर्जनपुर में 15 अक्तूबर को कोटा आवंटन को लेकर हो रही खुली बैठक के दौरान धीरेंद्र ने पुलिस के सामने ही इलाके के जयप्रकाश पाल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। उसके दो भाइयों समेत नौ लोगों को पकड़ लिया गया था लेकिन धीरेंद्र नहीं पकड़ा गया तो 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया गया।
इसी बीच रविवार की सुबह एसटीएफ ने उसे लखनऊ में पॉलिटेक्निक चौराहे से दो साथियों के साथ धर दबोचा। एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश ने बताया कि धीरेन्द्र सिंह की लोकेशन लखनऊ में मिली थी। रविवार सुबह वह अपने दो साथियों के साथ किसी से मिलने के लिये पॉलीटेक्निनिक चौराहे पहुंचा है, तभी उसे पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे एसटीएफ मुख्यालय ले जाया गया जहां काफी देर तक पूछताछ की गई। पहले माना जा रहा था कि उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर बलिया लाया जाएगा। लेकिन एसटीएफ देर शाम ही उसे लेकर कोतवाली पहुंच गई। माना जा रहा है कि अब उसे सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
कोर्ट में समर्पण की अर्जी दी थी
इनाम घोषित होते ही धीरेन्द्र सिंह समर्पण करने की फिराक में लग गया था। उसके वकील ने कोर्ट में अर्जी भी दे दी थी। इसके बाद ही उसने लखनऊ में शरण ले ली थी। एसटीएफ ने घटना के बाद से चार दिन तक फरारी में उसकी मदद करने वालों को भी चिन्हित कर लिया है। इनके खिलाफ भी हत्यारोपी को शरण देने के आरोप में कार्रवाई की जायेगी। धीरेन्द्र की तलाश में एक दर्जन टीमें लगी हुई थी। साथ ही एसटीएफ की भी दो टीमें उसे ढूंढ़ रही थी।
चौथे दिन हाथ लगा आरोपी
धीरेन्द्र ने दुर्जनपुर गांव में 15 अक्टूबर को पंचायत भवन पर राशन कोटे की दुकान को लेकर चल रही बैठक में तनातनी होने पर जय प्रकाश पाल की गोली मार कर हत्या कर दी थी। घटना के समय बैरिया के एसडीएम सुरेश पाल, सीओ चन्द्रकेश सिंह समेत कई लोग वहां मौजूद थे। शासन ने इन दोनों अफसरों को निलम्बित कर दिया था। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर और रासुका के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। उधर इस मामले में आरोपी धीरेन्द्र सिंह ने एक वीडियो वायरल कर खुद को बेगुनाह बताया था। इस मामले में धीरेन्द्र के पक्ष में भाजपा विधायक सुरेन्द्र सिंह भी खुलकर सामने आ चुके है। इसके बाद से मामले ने और तूल पकड़ रखा है।

