Ghazipur: मानकों की अनदेखी और गलत सूचनाओं पर एफआईआर: जिलाधिकारी
गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. जिलाधिकारी मंगलाप्रसाद सिंह ने गाजीपुर में नकलविहीन परीक्षा की कवायद शुरू कर दी है। यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे उीएम ने स्कूलों से डाटा अपलोड होने के बाद स्थलीय सत्यापन कराने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए डीएम ने अनुमोदन कर एसडीएम की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम गठित की है। टीम को पत्र जारी कर अफसरों को स्कूलों की ओर से अपलोड की गई सूचना का सत्यापन करते हुए बिंदुवार रिपोर्ट मुहैया कराने का निर्देश दिया है।
डीएम ने गलत सूचनाएं और मानकों की अनदेखी करने वालें कालेजों पर एफआईआर दर्ज कराने और उन्हें ब्लैक लिस्टेड करने की चेतावनी दी है। गाजीपुर के डीएम एमपी सिंह ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग ने पिछले दिनों स्कूलों को केंद्र नीति निर्धारण के मानक के अनुसार स्कूल में मौजूद सुविधाओं का डाटा अपलोड करने का निर्देश दिया था। परीक्षा केंद्र का स्थलीय सत्यापन कराने के लिए एसडीएम की अगुवाई में तहसील स्तर पर टीमों का गठन कर दिया गया है। नामित अफसर स्कूल की ओर से अपलोड सूचना का आधारभूत भौतिक सत्यापन करते हुए 20 दिसंबर तक बिंदुवार रिपोर्ट देने को कहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद आनलाइन केंद्र निर्धारण की नीति व पात्रता को पूरी करने वाले स्कूलों को ऑनलाइन केंद्र का दर्जा देते हुए विभाग सूची प्रकाशित कर आपत्ति प्राप्त कर निस्तारित करते हुए केंद्र फाइनल कर शुचिता पूर्ण ढंग से परीक्षा आयोजित करेगा।
डीएम ने सख्त रुख में कहा कि डाटा अपलोडिंग में कम सूचना अंकित करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की चेतावनी देते हुए समय से सत्यापन रिपोर्ट न मिलने पर कार्रवाई की संस्तुति करने की चेतावनी दी है। वहीं एक टेक्नीशियन को भी टीम में रखा जाएगा जो कैमरों, डीवीआर और डाटा स्टोरेज को लेकर जांच करेगा। अफसरों को सत्यापन के दौरान बरतने वाली सावधानी के साथ बोर्ड नियमों की जानकारी भी दी गई। शासनादेश के साथ ही एसडीएम और तहसीलदार की समिति विद्यालयों की सूची भी उपलब्ध कराई गई। गठित समिति के सदस्य सचिव का यह दायित्व होगा कि वह समिति अध्यक्ष व सदस्यों से समन्वय स्थापित कर सत्यापन का कार्य पूर्ण कराएंगे। इसके बाद सत्यापन आख्या समिति से प्राप्त कर डीएम और डीआईओएस कार्यालय भेजेंगे।
