ऐसा किया विवाह जिसे हर कोई कहे वाह
गाजीपुर न्यूज़ टीम, प्रयागराज. कहते हैं कि जोड़ियां इंसान नहीं ऊपर वाला बनाकर भेजता है। यही बात साबित हुई है आरती और अवधेश के वैवाहिक बंधन में। सात फेरों से चंद घंटे पहले आरती छत से गिर गई। रीढ़ में चोट आने के साथ ही दोनों पैर टूट गए। जयमाल की रस्म संभव नहीं रही। वधू पक्ष ने छोटी बहन से विवाह का विकल्प दिया लेकिन वर ने दो टूक कहा-पैर तो धीरे-धीरे ठीक हो जाएगा, वह उससे ही ब्याह रचाएगा, जिससे रिश्ता तय हुआ है। फिर डॉक्टरों की सहमति से स्ट्रेचर पर ही फेरे लगे और सिंदूरदान की रस्म पूरी हुई।
बच्चे को बचाने के फेर में गिरी छत से
कुंडा के मुजहेडी गांव निवासी दुखीराम मौर्या की बड़ी बेटी आरती की शादी आठ दिसंबर को खलेसरगंज बाजार कुंडा से लगे श्रीपुर अरूहरिपुर गांव निवासी अवधेश मौर्य से तय थी। इंटरमीडिएट उत्तीर्ण अवधेश नोएडा की कंपनी में काम करता है। दोपहर 12 बजे आरती घर में एक बच्चे को बचाने में छत से गिर गई। उसे नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्रयागराज रेफर कर दिया। एक्सरे में दोनों पैर में फ्रैक्चर और स्पाइन में चोट की बात सामने आई। वर पक्ष को यह वाकया पता चला तो अवधेश समेत कई बराती आरती के घर पहुंच गए।
स्ट्रेचर पर थी दुल्हन, लिए सात फेरे
आरती की बहन से शादी का विकल्प दिए जाने पर अवधेश ने इन्कार करते हुए आरती संग फेरों की बात कही। इस पर डॉक्टरों को सारी स्थिति बताई गई। चिकित्सकों ने अनुमति दी तो करीब सात बजे आरती को एंबुलेंस से घर ले जाया गया। स्ट्रेचर पर पड़े पड़े आरती ने अवधेश संग सात फेरे लिए। फिलहाल आरती का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। घरवालों का कहना है कि ठीक होने के बाद धूमधाम से विदाई की जाएगी।

