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Ghazipur: दो सप्ताह से पशु आश्रय स्थल पर चारा-पानी का संकट

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. खानपुर आश्रय स्थल पर तैनात कर्मचारियों को कार्यमुक्त कर दिया गया है, इससे पिछले दो सप्ताह में पशु आश्रय स्थल पर चारा-पानी का संकट उत्पन्न हो गया है। रामपुर स्थित पशु आश्रय पर शुरू में दो 200 पशु थे, जिसमें से अब केवल 40 बचे हुए हैं। वहीं सुविधा के अभाव में लगभग 30 पशुओं की मौत हो चुकी है और एक दर्जन पशु बीमार हैं। शेष पशु वहां से भाग निकले हैं। उधर सप्ताह भर से प्रतिदिन एक-दो पशु बीमारी व समुचित व्यवस्था के अभाव में मर जा रहे हैं। पिछले दो सप्ताह से किसी भी कर्मचारी की तैनाती नहीं की गई है।

पशु आश्रय पर तैनात पशु चिकित्सक भी केवल कोरम पूरा कर रहे हैं। रामपुर जलनिगम टंकी के बाउंड्रीवाल परिसर में बनाये गए अस्थायी आश्रय स्थल में सालभर पहले सैकड़ों की संख्या में छुट्टा पशुओं को रखा गया था और उनकी देख-रेख के लिए दर्जनभर सफाईकर्मी नियुक्त कर दिये गए हैं। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होते ही 25 दिसंबर की रात गो-सेवा में तैनात सभी सफाई कर्मी कर्मचारियों को पंचायत विभाग द्वारा उनके मूल नियुक्ति के गांवों में लौटने का आदेश दे दिया गया। इसके बाद एक बार फिर करीब तीन दर्जन गोवंश बेसहारा हो गए, तो वहीं रोजाना तीन-चार पशु बीमार होते हैं। बेजुबान गोवंश की दुर्दशा देख आसपास के ग्रामीणों में नाराजगी बनी है। रामपुर के कृष्ण कुमार, त्रिभुवन सिंह, सिधौना के आनंद, बेचू आदि का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इन बेजुबानों को चहारदीवारी में कैद कर मारा जा रहा है। इनकी देख-रेख और दाना-पानी का कोई समुचित व्यवस्था नहीं किया गया है।


रामपुर के प्रधान प्रतिनिधि फिरोज खान ने बताया कि अपने गांव में तड़पती इन गांवों के लिए उधार लेकर भूसा खिला रहे हैं। इनके देखभाल के लिए प्रशासन और पशुपालन विभाग पूरी तरह हाथ खड़े कर दिये हैं। एडीओ पंचायत सैदपुर राकेश दीक्षित ने बताया कि राज अधिकारियों के आदेश पर सभी सफाईकर्मियों को उनके मूल कार्यस्थल पर अपने गांवों में कार्य करने के लिए आदेश दिया गया है। पशु आश्रय को देखते एक सफाईकर्मी की ड्यूटी वहां लगाई गई है।