Ghazipur: माइनर में क्षमता से अधिक पानी, जलमग्न हुए कई बीघा खेत
गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. माइनर में क्षमता से अधिक पानी छोड़े जाने से कई लोगों के खेत जलमग्न हो गए। घरों में पानी घुसने से बचाने के लिए दूसरे गांव के लोगों द्वारा माइनर में बंधा बना दिया। इस बात को लेकर शनिवार की सुबह सुहवल क्षेत्र के दो गांव के कई किसान आमने-सामने आ गए। मौके पर पहुंचे नहर विभाग और पुलिस ने मामले को किसी तरह से संभाला। किसानों ने बर्बाद हुई फसलों के मुआवजा की मांग किया। साथ ही चेताया कि अगर आगे से असमय व क्षमता से अधिक पानी आने पर फसलें बर्बाद हुई तो वह सड़क पर उतरने को बाध्य होगें।
अधियारा-बड़ौरा सुगवलियां माइनर में गुरुवार को विभागीय लापरवाही के कारण असमय क्षमता से अधिक पानी छोडे जाने से एक तरफ जहां कई गांव के किसान शिवमूरत, राममूरत, शिवकुमार, देवमूरत, नजीर खां, नंदलाल, रामसहाय सिंह, रामराज कुशवाहा, झुलई कुशवाहा, बूढ़ा सिंह आदि दर्जनों किसानों की करीब तीस बीघे की गेंहूं, चना, मटर, ईख, जौ, मसूर, चना आदि की फसलें जलमग्न हो गई है। सूचना पर विभाग ने आनन-फानन में पानी को बंद कर दिया। दूसरी तरफ माइनर ओवरफ्लों होने से सुगवलियां गांव के लोगों ने अपने घरों व गांव को बचाने के लिए बंधा बना दिया।
इसकी जानकारी होते ही अपनी फसलों को बचाने के लिए किसान बनाए गए बांध को खोलने के लिए शनिवार की सुबह पहुंचे तो सुगवलियां गांव के लोगों ने घरों और गांव में पानी जाने की बात कह खोलने से रोक दिया। इसको लेकर दोनों दोनों गांव के लोगों में तीखी झपड़ शुरु हो गई। मामला शांत होने की बजाय बढ़ता ही गया। माहौल को बिगड़ता देख किसी इसकी जानकारी पुलिस को दी। इस पर नहर विभाग के अवर अभियंता व पुलिस मौके पर पहुंच गई. लोगों को समझा-बुझाकर किसा तरह से शांत कराया। इसके बाद सुबह बनाए गये बंधे को खोल पानी को रेलवे ट्रैक किनारे नाले से निकाल दिया गया। इससे दोनों गांव के लोगों ने सुकुन महसूस किया।
लोगों ने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है। इसके पहले भी कई बार विभागीय लापरवाही के चलते किसानों की फसल बर्बाद होती रही है। लोगों ने कहां कि विभाग को आगे से कोई स्थाई समाधान खोजना होगा ताकि भविष्य में ऐसी नौबत दोबारा न आए। विभाग से पानी के चलते बर्बाद हुई फसलों के मुआवजा की मांग किया। साथ ही चेताया कि अगर आगे से असमय व क्षमता से अधिक पानी आने पर फसलें बर्बाद हुई तो लोग सड़क पर उतरने को बाध्य होगें। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता चंदन कुमार ने बताया कि पानी क्षमता से अधिक नहीं छोडा गया था। फिलहाल पानी को बंद कर दिया गया है। कहां कि पानी लगने का मुख्य कारण जलनिकासी की व्यवस्था न होना थी। नाले की सफाई कर पानी निकासी की व्यवस्था कर दी गई है।
