Ghazipur: आवास के लिए पैसा मांगने वाले रोजगार सेवक पर मुकदमा
गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. प्रधानमंत्री आवास की प्रथम किस्त भेजवाने के लिए लाभार्थी से पैसा मांगना भांवरकोल ब्लाक के लोचाइन गांव के रोजगार सेवक वीरबहादुर राम को महंगा पड़ा। बातचीत का आडियो वायरल होने के बाद डीएम एमपी सिंह के निर्देश पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। साथ ही उसकी सेवा समाप्त करने की भी तैयारी चल रही है। इससे संबंधितों में खलबली मची है।
सोशल मीडिया पर लोचाइन के रोजगार सेवक वीरबहादुर और पीएम आवास लाभार्थी के बेटे गुड्डू के बीच हुई बातचीत का आडियो वायरल हो रहा था। डीएम ने इसे संज्ञान में लिया और तत्काल खंड विकास अधिकारी धर्मेंद्र कुमार मौर्य को जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। खंड विकास अधिकारी इसकी सत्यता की जांच के लिए शनिवार को लाभार्थी के घर पहुंचे। जांच के दौरान गुड्डू ने बताया कि रोजगार सेवक वीरबहादुर राम द्वारा गत 24 जनवरी की रात लगभग 9.18 बजे मोबाइल से फोन कर प्रधानमंत्री आवास निर्माण के लिए पहली किस्त उसकी मां अकलिया देवी पत्नी फतिगन राम के खाते में डालने के लिए बीस हजार रुपये की मांग की गई, जबकि उसके बैंक खाते में आवास की पहली किस्त के रूप में चालीस हजार रुपये 21 जनवरी को ही आ चुका था। उसने मोबाइल फोन के जरिए की गई इस मांग को अपने साथ धोखा मानते हुए वायरल कर दिया।
यह पहला अवसर नहीं है जब इस रोजगार सेवक की शिकायत प्रशासन को मिली हो। इसके पूर्व भी इसी ग्राम पंचायत से संबंधित कुछ लोगों ने शौचालय और आवास के नाम पर धन उगाही का आरोप इस रोजगार सेवक पर लगाया था लेकिन तत्कालीन जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और कार्रवाई को कौन कहे जांच करने भी मौके पर भी कोई नहीं गया। थानाध्यक्ष शैलेश कुमार मिश्र ने बताया कि रोजगार सेवक के विरूद्ध धोखाधड़ी का मामला पंजीकृत कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
सोशल मीडिया पर उक्त रोजगार सेवक के बातचीत का आडियो वायरल हुआ था। जांच में प्रथम दृष्टया सही पाया गया। इस पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। आगे भी जांच की जा रही है। दोष सिद्ध होने पर उसकी सेवा समाप्त की जाएगी।- रमेश चंद्र उपाध्याय, डीपीआरओ।
