मुख्तार अंसारी की नहीं, बीजेपी सरकार की मंशा पर शंका - पूर्व विधायक अजय राय
गाजीपुर न्यूज़ टीम, वाराणसी। पूर्व विधायक अजय राय ने कहा कि जेल में बंद मुख्तार अंसारी की नहीं बल्कि सरकार की मंशा पर शंका है क्योंकि जगजाहिर है कि मुख्तार मेरी हत्या कराना चाहता है। वजह, उसके पापों का एक मात्र जीवित गवाह मैं ही हूं। ऐसे में मेरी सुरक्षा जरूरी है लेकिन सरकार के निर्देश पर मेरी सुरक्षा हटा ली गई। इस बदले परिवेश में परिवार सरकार की मंशा को लेकर आशंकित हो गया है।
रहा सवाल अलका राय का तो केंद्र में जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तो उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार मुख्तार अंसारी को बचा रही है जबकि अब केंद्र में भाजपा की सरकार है। उसके बाद भी उनके पति कृष्णानंद राय की हत्या के गवाह कोर्ट में गवाही नहीं दे सके। इससे अब स्पष्ट हो रहा है कि मुख्तार अंसारी को कौन बचा रहा है। तीन अगस्त 1991 को हुए समाजसेवी अवधेश राय हत्याकांड में एकमात्र गवाह बचे पूर्व विधायक अजय राय ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दुर्भावनापूर्ण राजनीतिक सोच के कारण सरकार ने हमारी सुरक्षा वापस ले ली है।
यदि प्रदेश सरकार मानती है कि मुख्तार अंसारी मुझे कहीं से मरवा सकते हैं, तो क्या सरकार ने इसी राजनीतिक सोच के तहत मेरी सुरक्षा हटा ली है। शायद मैं भी अपने बड़े भाई अवधेश राय या कृष्णानंद राय की तरह ही मार दिया जाऊं। किस जेल में कौन रहे, यह सरकार और न्यायपालिका का विषय है न कि राजनीति का। मैं दो दशक तक विधायक रहा हूं और मेरे बड़े भाई की हत्या की गई थी। उस हत्या में मैं न केवल मुख्तार अंसारी के खिलाफ गवाह हूं। उनके विरुद्ध किसी भी मुकदमे में एकमात्र जीवित गवाह हूं। फिर भी मेरी सुरक्षा प्रदेश सरकार ने हटा ली।
