Ghazipur: कन्या भ्रूण हत्या व दहेज प्रथा के खिलाफ आवाज उठायें युवा
गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार को मिशन शक्ति अंतर्गत कन्या भ्रूण हत्या तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1994 पर चर्चा के साथ ही इस कुकृत्य को नाट्यमंच से भी छात्राओं ने रोचक ढंग से दर्शाया।
आयोजित कार्यक्रम में कुमारी उज्मा खातून, कुमारी सौम्या मिश्रा, कुमारी श्रेया राय ने विचार व्यक्त किए। दहेज के सामाजिक, सांस्कृतिक तथा कानूनी पहलुओं पर बात करते हुए डॉ. अखलाक खान ने दहेज को एक ऐसी समस्या बतायी, जिससे दोनों ही परिवार पीड़ित होता है। उन्होंने इसके समूल नाश के लिए युवाओं से आह्वान किया कि वह इसके खिलाफ मुखर होकर अपनी आवाज़ उठाएं। दहेज से ना सिर्फ आर्थिक उत्पीड़न होता है बल्कि कई मामलों में इस कानून का दुरुपयोग होने से निर्दोष लोगों को भी सलाखों के पीछे लंबा समय गुजारना पड़ता है।
डॉक्टर सारिका सिंह ने कन्या भ्रूण हत्या के कुरीति के कारणों की पड़ताल करते हुए कहा कि यह समस्या सामाजिक व्यवहार में बदलाव लाने से ही दूर हो सकती है, अन्यथा तकनीक का उपयोग कर हम नित नए तरीके ढूंढेंगे जिससे लिंग के आधार पर भेदभाव जारी रहेगा। इस अवसर पर छात्राओं द्वारा दहेज कुरीति को लेकर एक नाटक अंदर की बात का बेहद प्रभावी मंचन भी किया गया। इस लघु नाटक में सना अफरोज, सायमा उमर, अंजली राय, सना परवीन, पूजा पांडे, अमीना खातून, पूजा कुशवाहा ने अभिनय किया। मिशन शक्ति समन्वयक डॉक्टर शंभू शरण प्रसाद में इस बात पर जोर दिया कि लोग बेटे और बेटियों दोनों को समान नजर से देखें दोनों की शिक्षा स्वास्थ्य और सुरक्षा पर एक समान ध्यान दें तो खुद ब खुद बहुत सारी समस्याएं हल हो जाएंगी। धन्यवाद देते हुए डॉ अनिता कुमारी ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रदेश सरकार बालिकाओं को सशक्त बनाने के लिए उनके सर्वांगीण विकास के लिए तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने हेतु चला रही है। अतः इस तरह के कार्यक्रमों में हमें बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करना चाहिए।
