सेना भर्ती में फर्जीवाड़ा करते 2 अभ्यर्थी और 2 दलाल गिरफ्तार, 6-6 लाख रुपए में नौकरी दिलाने का दावा
गाजीपुर न्यूज़ टीम, आगरा. बुलंदशहर का अजीत ओवरएज है। सेना में भर्ती नहीं हो सकता। वह अलीगढ़ के विपिन के नाम से फर्जी दस्तावेज लेकर भर्ती होने आया था। मेडिकल के दौरान पकड़ा गया। दो दलालों ने उसे भर्ती कराने का ठेका लिया था। पुलिस ने उन्हें भी दबोच लिया। पूछताछ में उन्होंने तीन सैन्य कर्मियों के नाम बताए। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर तीनों को वांछित किया है। इसकी जानकारी सैन्य अधिकारियों को भी दी गई है। यह जानकारी मांगी गई है कि तीनों कहां पर तैनात हैं। दलालों का कहना है कि सैन्य कर्मियों ने 6-6 लाख रुपये में भर्ती कराने का ठेका लिया था।
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि गिरफ्तार अभ्यर्थी अजीत कुमार मूलत: ताड़पुर खादर, औरंगाबाद तहेरपुर बुलंदशहर का निवासी है। वह विपिन कुमार निवासी बरला अतरौली अलीगढ़ के प्रमाण पत्रों पर सेना भर्ती में शामिल हुआ था। गिरफ्तार दलालों के नाम रंजीत कुमार (गांव नगरिया थाना डौकी) व शशि कुरैशी (मोहल्ला टोली, थाना नौहझील मथुरा) हैं। पूछताछ में अजीत ने पुलिस को बताया कि उम्र के हिसाब से वह सेना में भर्ती नहीं हो सकता है। उसे सेना में जाने की चाह है। इसलिए उसने फर्जीवाड़ा किया। उसने दौड़ पास कर ली थी। मेडिकल में कुछ दिक्क्त होने के कारण उसे सैन्य अस्पताल भेजा गया था। वहां उसकी पोल खुल गई।
इंस्पेक्टर सिकंदरा अरविंद कुमार ने बताया कि अजीत कुमार से पूछताछ के बाद रंजीत कुमार व शशि कुरैशी को पकड़ा गया। उनसे पूछताछ में हैरान कर देने वाली बात सामने आई। दोनों ने बताया कि वे लोग सैन्यकर्मी योगेंद्र कुमार निवासी गांव नगरिया डौकी, विकास कुमार और सौरव कुमार के संपर्क में थे। विकास और सौरव कहां के रहने वाले हैं उन्हें यह जानकारी नहीं है।
छह-छह लाख रुपये में जितने चाहे अभ्यर्थी ले आओ
अजीत के मुताबिक तीनों सैन्यकर्मी योगेंद्र, विकास कुमार और सौरव ने उनसे कहा था कि छह-छह लाख रुपये में जितने चाहे अभ्यर्थियों को ले आओ। भर्ती हो जाएंगे। उन तीनों के अलावा वे किसी सैन्य कर्मी को नहीं जानते। उन्हें नहीं पता कि वे अभ्यर्थियों को कैसे भर्ती कराते। सैन्य कर्मियों के कहने पर पर ही वे अभ्यर्थियों को घेरने में जुटे हुए थे। उन्हें प्रत्येक अभ्यर्थी के हिसाब से एक लाख रुपये का कमीशन मिलता। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में मिली जानकारी सैन्य अधिकारियों को भी दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि तीनों सैन्य कर्मी कहां तैनात हैं। मिलिट्री इंटेलीजेंस भी उनके बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने मुकदमे में तीनों को वांछित किया है।
यह हुआ बरामद
तीन आधार कार्ड, एक मोबाइल, प्रवेश पत्र, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, चरित्र व जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण, अविवाहित प्रमाण पत्र।
पुलिस को मिले ये सुराग
इंस्पेक्टर सिकंदर अरविंद कुमार ने बताया कि आरोपित रंजीत कुमार और शशि कुरैशी के मोबाइल को खंगाला गया। व्हाट्स एप पर वे बाकायदा उन लोगों को प्रवेश पत्र भेज रहे थे जिन्हें सैन्य कर्मी बता रहे हैं। दूसरी तरफ वे भर्ती के लिए ओके लिखकर भेज रहे थे। पुलिस को छानबीन में और भी कई साक्ष्य मिले हैं। सैन्य अधिकारियों को एक-एक साक्ष्य की जानकारी दी गई है। पुलिस इस मामले में आखिर तक जाएगी। यह जरूर पता लगाएगी कि सैन्य कर्मी कैसे भर्ती कराते। वे किसके संपर्क में थे। फिलहाल उनकी तलाश शुरू कर दी गई है।
