सरकारी में जगह नहीं तो प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती होंगे कोरोना मरीज, योगी सरकार उठाएगी पूरा खर्च
गाजीपुर न्यूज़ टीम, लखनऊ. बढ़ते कोरोना मामलों के बीच उत्तर प्रदेश के अस्पतालों से तमाम तरह की अव्यवस्थाएं सामने आ रही हैं। जहां बाजारों में जरूरी दवाइयों की किल्लत हो गई है, वहीं अस्पतालों में न तो बेड हैं और न ही ऑक्सिजन। ऐसी स्थिति में अस्पताल मरीजों को भर्ती करने से मना कर दे रहे हैं। समय से इलाज न मिल पाने की वजह से अबतक कई मरीजों की जान जा चुकी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस पर सख्त रुख दिखाया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आदेश दिए कि कोई भी अस्पताल मरीज को वापस नहीं लौटाएगा। अगर सरकारी अस्पताल में बेड नहीं है तो निजी अस्पताल में मरीज को भेजा जाएगा। किसी भी गरीब आदमी का निजी अस्पताल में उपचार होने पर राज्य सरकार आयुष्मान योजना के तहत इलाज का भुगतान करेगी। यूपी के अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने बताया कि पूरे प्रदेश में इस समय सेनेटाइजेशन का काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में किसी मरीज की मृत्यु पर अंतिम संस्कार में किसी प्रकार का शुल्क न लिया जाए। सभी का अंतिम संस्कार अपने धार्मिक मान्यताओं और रीति-रिवाजों के तहत किया जाए।
