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Ghazipur: सो रहे किसान की धारदार हथियार से हत्या करने वाले चारों हत्यारोपित गिफ्तार

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. खानपुर थाना क्षेत्र के पटना गांव में गत शनिवार की रात अपने ट्यूबवेल पर सो रहे किसान राजाराम निषाद की धारदार हथियार से हत्या करने वाले चारों आरोपितों को पुलिस ने तेतारपुर तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। चुनावी रंजिश के कारण युवकों ने राजाराम की हत्या की थी। इसका राजफाश बुधवार को पुलिस अधीक्षक डा. ओमप्रकाश सिंह ने पुलिस लाइन कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए की।

पुलिस अधीक्षक ने बताया किसान राजाराम निषाद घर से कुछ दूरी पर स्थित अपने ट्यूबवेल पर सोए थे। इस दौरान अज्ञात बदमाशों ने धारदार हथियार से वार कर उनकी हत्या कर दी थी। मृतक के पुत्र की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर मामले की जांच-पड़ताल की जा रही थी। थानाध्यक्ष जितेंद्र बहादुर सिंह को सूचना मिली कि हत्या की घटना में शामिल अभियुक्त तेतारपुर तिराहा से कहीं भागने की फिराक में हैं। इस पर थानाध्यक्ष टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अभियुक्तों की नजर जब पुलिस पर पड़ी तो भागने लगे, लेकिन पुलिस ने घेरेबंदी कर दबोच लिया। गिरफ्तार लोगों में भुजाड़ी निवासी नीरज यादव, आशीष यादव, रामदेव यादव और पटना गांव निवासी राजू यादव उर्फ रुद्र शामिल हैं।


यह थी हत्या की वजह

आरोपित राजू यादव ने बताया कि हमारे पिता रामाश्रय यादव इस वर्ष प्रधानी का चुनाव लड़े थे। राजाराम निषाद ने अपना व अपनी बिरादरी का वोट दिलाने के नाम पर 20 हजार रुपये लिए थे, लेकिन चुनाव के दिन पलटते हुए वोट किसी और को दिलवा दिया। इससे मेरे पिता चुनाव हार गए थे। ऐसे में मैंने उन्हें सबक सिखाने को ठानी। प्लान के मुताबिक 22 मई की रात मैं अपने रिश्तेदार व साथियों के साथ राजाराम निषाद के खेत में पहुंचा जहां वह सो रहे थे। चाकू व उनके खेत में गड़े हुए बांस के टुकड़ों को उखाड़कर सोते हुए राजाराम पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। एसपी ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त बांस का टुकड़ा और एक चाकू बरामद किया गया।


गोमती में दो दिनों तक खोजा गया मोबाइल

आरोपितों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त चाकू राजाराम के खेत से दो सौ मीटर दक्षिण गंगा किनारे करैले के खेत से बरामद किया गया। वहीं पास में खून लगा बांस का टुकड़ा भी मिला। राजू के फुफेरे भाई भुजाड़ी निवासी रामदेव की सूचना पर नियार घाट स्थित गोमती पुल से बीचोंबीच नदी में राजाराम की मोबाइल फेंकी गई थी जिसे हासिल करने में पुलिस नाकाम रही।

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