Ghazipur: मुख्तार अंसारी के करीबी नन्हें खां के पुत्र तनवीर को भी पुलिस ने किया गिरफ्तार
गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. बाहुबली मुख्तार अंसारी के एक और करीबी पर पुलिस ने शिंकजा कस दिया है। मछली कारोबारी और मुख्तार के सहयोगी मेहुरूद्दीन उर्फ नन्हें खां को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया तो वहीं उसके पुत्र तनवीर को शनिवार को गिरफ्तार कर चालान कर दिया। नन्हें खां के पुत्र तनवीर के खिलाफ गांव के ही पीड़ित गोरख पासवान ने एसी एसटी का मुकदमा दर्ज कराया था।
गाजीपुर जनपद के करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के महेन्द गांव निवासी मछली कारोबारी और मुख्तार गैंग का सहयोगी नन्हें खां के पुत्र तनवीर और उसके साथी हैदर खां ने पूर्व में हुए प्रधानी चुनाव की रंजीश को लेकर गोरख पासवान को उसके घर पर जाकर गाली गलौज करने के साथ ही मारपीट की थी।
यही नहीं जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर उसको अपमानित भी किया था। इस पर गोरख पासवान ने 15 जून को करीमुद्दीनपुर थाने मे तहरीर देकर एसीएसटी का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा तो कर रही थी, लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी।
करीमुद्दीनपुर थानाध्यक्ष बालेंद्र यादव ने बताया की गोरख पासवान की तहरीर पर तनवीर सहित दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर चालान कर दिया। जबकि दूसरे आरोपी की तलाश की जा रही है।
नन्हें खां गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई
मछली कारोबारी और मुख्तार के सहयोगी मेहुरूद्दीन उर्फ नन्हें खां को पुलिस ने शुक्रवार को उसके गांव महेंद से गिरफ्तार किया। जिला प्रशासन ने पंचायत चुनाव से पहले 9 अप्रैल को नन्हें को जिला बदर किया था। फिर भी वह पिछले तीन महीने से गांव में था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नन्हे खां पर मुख्तार का सहयोगी होने का आरोप है।
उस पर बलिया के चितबड़ागांव थाने और गाजीपुर के करीमुद्दीनपुर थाने में छह मामले दर्ज हैं। वह मछली कारोबारी है। पिछले दिनों वह अपने गांव के पास बहने वाली मगई नदी में मछली कारोबार के उद्देश्य से निजी खर्च पर पुल का निर्माण कर रहा था। जिसको प्रशासन ने ढहा दिया। दबंगई के दम पर नन्हें महेंद का दो बार प्रधान रहा है। इसी दौरान वह मुख्तार अंसारी के संपर्क में आया था।
इसके बाद से क्षेत्र में नन्हें का नाम मुख्तार से जुड़ने लगा था। कुछ महीने पहले भी एडीजे (कानून) के निर्देश पर चितबड़ागांव और करीमुद्दीनपुर की पुलिस नन्हें खां के घर दबिश देने गयी थी, लेकिन तब वह पकड़ा नहीं जा सका था, तब चितबड़ागांव पुलिस ने नन्हें के एक रिश्तेदार को अपनी गाड़ी में बैठा लिया था ताकि वह पुलिस की गिरफ्त में आ सके। लेकिन गांव के कुछ महिला और पुरुषों ने पुलिस को दौड़ा लिया था। उस घटना के बाद नन्हें प्रशासन की नजर में और चढ़ गया।
