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दुर्घटना में घायल मरीज को बस 15 मिनट में ही चढ़ जाएगा खून, बीएचयू के ट्रामा सेंटर में शुरू होगी यह व्यवस्था

गाजीपुर न्यूज़ टीम, वाराणसी. बीएचयू के ट्रामा सेंटर में अगर कोई घटना या दुर्घटना में घायल मरीज आएगा और रक्तस्राव अधिक तेजी हो रहा होगा तो तत्काल उसको खून भी चढ़ाया जाएगा। वह भी मात्र 15 मिनट में ही। इसके लिए यहां पर इंफ्यूजन पंप मंगाया जा रहा है, जिसका टेंडर भी जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही ट्रामा सेंटर के इमरजेंसी वार्ड यानी लाल क्षेत्र को और अधिक आधुनिक भी बनाया जा रहा है। यहां पर 14 और बेड बढ़ाए जा रहे हैं, जहां बेड पर ही एक्स-रे जांच की भी सुविधा होगी।

18 बेड का हो जाएगा लाल क्षेत्र

पूर्वांचल के एम्स कहे जाने वाले चिकित्सा विज्ञान संस्थान, बीएचयू के इस ट्रामा सेंटर का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में किया था। 334 बेड के इस सेंटर में पूर्वांचल के साथ ही बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों के भी मरीज आते हैं। हालांकि इस सेंटर में सबसे बड़ी गड़बड़ी इमरजेंसी यानी लाल क्षेत्र में बेड की कमी की है। फिलहाल महज चार बेड का ही लाल क्षेत्र है। इसके कारण अधिकतर मरीजों का उपचार स्ट्रेचर पर ही होता है। हालांकि अब रिसेप्शन के पास में ही 14 बेड और बढऩे जा रहा है। यहां गोलाकार नर्सिंग स्टेशन भी बनाया गया है।

मंगाई पोर्टेबल एक्स-रे मशीन

ट्रामा सेंटर के आचार्य प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह बताते हैं के घायलों का बहुत अधिक रक्तस्राव हो जाता है। ऐसे में दवा, इंजेक्शन के साथ ही तत्काल खून चढ़ाने की भी जरूरत पड़ती है। अब तक एक यूनिट खून चढ़ाने में करीब 45 मिनट लगता है। वहीं जब इंफ्यूजन पंप से मात्र 15 मिनट में ही खून चढ़ जाएगा। बताया कि ट्रामा सेंटर को पूर्ण रूप से फंगशनल कंसेप्ट पर संचालन करने की योजना बनाई गई है। ताकि मरीज का जीवन बचाने के लिए उसके यहां आते ही प्राथमिक उपचार शुरू किया जा सके। कारण कि भर्ती आदि की प्रक्रिया में अनावश्यक समय जाया होता है। इसके लिए इंफ्यूजन पंप, पोर्टेबल एक्स-रे आदि मशीनें मंगाई गई हंै। ताकि मरीजों को बेड पर ही यह सुविधाएं मिल सके।

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