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गैंगस्टर कोर्ट में पेश हुए मुख्तार अंसारी, दोहरे हत्याकांड और असलहा आवंटन के मामले में मऊ ले आई पुलिस

गाजीपुर न्यूज़ टीम, मऊ. मन्ना सिंह हत्याकांड के चश्मदीद गवाह के दोहरे हत्याकांड व लेटर पैड पर की गई असलहा के लाइसेंस की पैरवी के मामले में गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक व एमपी-एमएलए की विशेष अदालत न्यायाधीश दिनेश चौरसिया की कोर्ट में पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी सहित तीन की पेशी हुई।

फर्जी असलहा के मामले में कोर्ट ने आरोप पत्र तय करते हुए 30 सितंबर की तिथि गवाही के लिए नियत कर दी। वहीं दोहरे हत्याकांड के मामले में तीन अक्टूबर की तिथि तय की गई है। पेशी के लिए बांदा जेल से पुलिस बज्रवाहन में मुख्तार अंसारी को लेकर पुलिस कोर्ट परिसर पहुंची। इसकी सूचना मिलते ही बड़ी तादाद में कोर्ट के अंदर व बाहर सुरक्षा बल को तैनात कर दिया गया। पौने एक बजे कोर्ट से बाहर मुख्तार अंसारी निकले तो इस दौरान उन्होंने लोगों का हाल हिलाकर अभिवादन किया। वहीं कुछ बोलने से इंकार कर दिया।

मन्ना सिंह हत्याकांड में 2016 में मुख्तार अंसारी की पेशी कोर्ट में हुई थी। इसके बाद पंजाब की रोपड़ जेल व बांदा जेल से मुकदमो में पेशी वीडियाे कांफ्रेंसिंग के जरिए ही कराई जाती रही। इधर गैंगस्टर कोर्ट ने 15 तारीख को कोर्ट में व्यक्तिगत पेश होने का आदेश दिया था। इसको लेकर गुुरुवार की सुबह तक कोई निश्चित नहीं था कि पेशी होगी या नहीं। एकाएक कोर्ट खुलने के समय 10 बजे कोर्ट परिसर में पुलिस की चहल-कदमी बढ़ गई। तबसे कयास लगाए जाने लगे कि मुख्तार अंसारी की पेशी हो सकती है। इसके थोड़ी देर ही बाद बज्रवाहन से पूरी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बांदा से कोर्ट परिसर लाया गया।

सीधे बज्रवाहन को कोर्ट की सीढ़ीयों तक लगाया गया ताकि किसी से उनकी मुलाकात ही संभव न हो। लगभग 11 बजे मुख्तार अंसारी गैंगस्टर कोर्ट में दाखिल हुए। उधर कोर्ट के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। पौने एक बजे जैसे ही कोर्ट से मुख्तार निकले की बाहर सुरक्षा व्यवस्था की हलचल शुरू हो गई। कोर्ट की सीढ़ियों से आते मुख्तार ने सभी का हाथ हिलाकर अभिवादन किया।

मीडिया द्वारा कुछ बोले जाने पर उन्होंने दो टूक कहा कि बोलने पर मनाही है। इस मामले में मुख्तार अंसारी के साथ आरोपित सलीम को बाराबंकी तथा अनवर सहजाद को गाजीपुर जेल से लाया गया था। मालूम हो कि दक्षिणटोला थाना क्षेत्र के विभिन्न पते पर आधा दर्जन लोगों को विधायक रहते मुख्तार अंसारी ने अपने लेटर पैड पर असलहा लाइसेंस के लिए संस्तुति किया था। इस पर लाइसेंस जारी भी हुआ था। बाद में पुलिस प्रशासन की जांच में सभी के पते फर्जी पाए गए थे। इस मामले में मुख्तार अंसारी सहित सभी आधा दर्जन आरोपितों पर गैंगस्टर लगाया गया था।

नहीं दिखे परिचित चेहरे

योगी सरकार में मुख्तार अंसारी गिरोह के विरुद्ध हो रही धड़ाधड़ कार्रवाई का खौफ ऐसा कि छह साल बाद कोर्ट में पेशी को आए मुख्तार से मिलने उनके चिर-परिचित चेहरे तक नहीं आए। वज्रवाहन के इर्द-गिर्द मीडियाकर्मी व पुलिस का घेरा ही दिखा। हालांकि कोर्ट परिसर में रोज की अपेक्षा भीड़ ज्यादे थी। दूर-दूर से लोग देखते नजर आए।

सादे वेश में पुलिस का था घेरा

बांदा जेल से आए मुख्तार अंसारी के साथ जहां पुलिस की वर्दी में सुरक्षा बल तैनात थे वहीं बड़ी संख्या में सादे वेश में पुलिसकर्मी सुरक्षा घेरा बनाए रहे। कोर्ट की सीढ़ियों पर पूरी तरह से पुलिसकर्मियों का कब्जा था। जैसे ही पूर्व विधायक के कोर्ट से निकलने की सूचना मिली कि सुरक्षा बल ने घेरा बना लिया।

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