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मुलायम सिंह यादव की तेरहवीं न होने से प्रभावित हुए विधायक गाजीपुर में तेरहवीं न कराने का संकल्प दिला रहे

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद सैफई में तेरहवीं के भोज का आयोजन न किए जाने की चर्चा पूरे देश में हुई। इसी घटना से प्रभावित होकर जंगीपुर सपा विधायक ने अपने क्षेत्र में लोगों के बीच मृत्यु भोज का आयोजन न करने का अलख जगाना शुरू कर दिया है।

तेरहवीं भोज को एक सामाजिक कुरीति मानते हुए सपा विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव गांव गांव जाकर लोगों में जागरूकता पैदा करने और संकल्प दिलाने का काम कर रहे हैं। इसकी शुरुआत उनके द्वारा सबसे पहले अपने पैतृक गांव जैतपुरा से की गई। सपा विधायक क्षेत्र के किसी भी गांव में किसी के भी निधन के बाद सांत्वना व्यक्त करने पहुंच रहे हैं।

लोगों को गांव पहुंचाकर दिला रहे सकंल्प

लोगों को मृत्यु भोज आयोजित न करने के प्रति जागरूक करते हुए संकल्प दिला रहे हैं। उनकी यह कवायद आजकल चर्चा में छाई हुई है। आमतौर पर किसी के निधन के बाद तेरहवीं यानि परंपरागत तरीके से ब्रह्मभोज का कार्यक्रम होता है। इस दिन ब्राह्मण भोज के साथ ही रिश्तेदारों, परिचितों, जान-पहचान वालों और गांव वालों को भोज कराने का चलन है। इस चलन का विरोध गाजीपुर की जंगीपुर विधानसभा के विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव ने करने का मन बना लिया है।

सामाजिक कुरीति बताकर बंद करने की अपील

उन्होंने इस प्रथा को सती प्रथा विरोध और राजा राम मोहन राय द्वारा विधवा विवाह चलन को बल देने की तर्ज से जोड़ते हुए, मृत्यु के बाद भोज के चलन को सामाजिक कुरीति बताकर इसे बंद करने की मुहिम छेड़ी है। आपको बता दें कि यह चलन सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के गांव सैफई में लोगों ने बहुत पहले बंद कर दिया था। सैफई के लोगों का मानना है कि तेरहवीं का भोज करने से आर्थिक बोझ पड़ता है। एक तरफ लोग अपनों से बिछड़ने के गम में डूबे होते हैं दूसरी ओर भोज का आयोजन ठीक नहीं लगता है।

सैफई में काफी पहले लिया गया था फैसला

इसी को देखते हुए सैफई गांव ने तेरहवीं नहीं करने का फैसला बहुत पहले किया था। इसी तर्ज पर अखिलेश यादव ने तेरहवीं का भोज न कर प्रार्थना सभा का आयोजन व्यापक रूप से किया था। अब जंगीपुर सीट से दूसरी बार विधायक बने डॉ. वीरेंद्र यादव मुहिम बना कर मृत्यु भोज का विरोध करने का सार्वजनिक रूप से मन बना चुके हैं। इसके लिए वे अपने सोशल मीडिया एकाउंट से, व्यक्तिगत रूप से लोगों को मिलजुल कर ब्रह्मभोज के इस कार्यक्रम को न करने की अपील भी कर रहे हैं।

कई गांव के लोगों ने लिया संकल्प

डॉ वीरेंद्र यादव ने कहा कि सैफई में अखिलेश यादव द्वारा ब्रह्म भोज का आयोजन न किए जाने से प्रेरणा लेते हुए हम भी अपने क्षेत्र में इस कुरीति को समाप्त करने में जुटे हुए हैं और इसमें लोगों का भारी सहयोग भी मिल रहा है। उन्होंने बताया कि हमारी पहल पर क्षेत्र के कई गांव में लोगों ने मृत्यु भोज न करने का संकल्प भी ले लिया है।

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