गाजीपुर में गंगा में डूब रही थी पत्नी, बचाने कूदा पति, खुद भी डूबने लगा; टीम ने बचाया
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर में माघ पूर्णिमा स्नान के दौरान एक महिला गंगा में डूबने लगी। घाट पर खड़े पति ने देखा तो उसने भी छलांग लगा दी। पति को भी तैरने नहीं आता था। वह भी डूबने लगा। दोनों को डूबता देखकर घाट पर अफरा-तफरी मच गई।
चीख-पुकार सुनकर घाट पर तैनात राहत टीम हरकत में आई। टीम के जवान और स्थानीय गोताखोरों ने नदी में छलांग लगरा दी। दोनों के पास पहुंचे। दोनों को पकड़कर बाहर निकालने की कोशिश करने लगे। काफी मशक्कत के बाद भी वो लोग दोनों को बाहर नहीं ला पा रहे थे।
तब तक टीम के अन्य सदस्य नाव लेकर उनके पास पहुंचे। जवानों और गोताखोरों के पास रबर रिंग फेंकी। रिंग के सहारे दोनों को नदी के किनारे लाया गया। टीम ने 30 सेकंड के अंदर रेस्क्यू पूरा कर दोनों को बचा लिया।
रेस्क्यू के दौरान पति-पत्नी ने एक दूसरे का हाथ थामे रखा। बाहर निकलने पर महिला रेस्क्यू टीम का धन्यवाद दिया। कहा- आप लोगों की वजह से हम बच पाए। वरना हमारी तो पूरी दुनिया ही खत्म हो जाती।
गाजीपुर के ददरीघाट पर माघ पूर्णिमा की सुबह बड़ी बाग के रहने वाले अमर ओझा और उनकी पत्नी सुषमा ओझा गंगा स्नान के लिए आए थे। अमर ने पहले स्नान कर लिया। इसके बाद उनकी पत्नी सुषमा स्नान करने के लिए पानी में उतरीं।
स्नान करते हुए वह घाट से 10 मीटर आगे गहरे पानी में चली गईं। देखते ही देखते वह डूबने लगी। तभी अमर की नजर उन पर पड़ी। पत्नी को डूबता हुआ देख उन्होंने इस बात की परवाह किए बिना छलांग लगा दी कि उन्हें तैरना नहीं आता। अमर भी पानी में डूबने लगे।
घाट पर अफरा-तफरी मच गई। लोग शोर मचाने लगे। मौके पर तैनात 34वीं बटालियन पीएसी की 13 सदस्यीय बाढ़ आपदा राहत टीम तुरंत हरकत में आई। टीम के जवान लाल यादव और सोनू कुमार वर्मा ने गंगा में छलांग लगा दी। स्थानीय नाविक और गोताखोर भी कूद पड़े।
टीम के कुछ सदस्य नाव लेकर पहुंचे। महज 30 सेकंड के अंदर दोनों को गहरे पानी से बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू के दौरान अमर और सुषमा दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थामे रहे। बाहर आकर भी दोनों एक-दूसरे का हाथ थामे रहे। रेस्क्यू टीम का धन्यवाद देते रहे।
बाहर निकले पर सुषमा ने कहा- प्रशासन के लोगों ने हमें बचा लिया। उनका बहुत-बहुत धन्यवाद। मुझे तो लगा मेरी दुनिया ही खत्म हो जाएगी।
