गाजीपुर में भाई-बहन ने गला दबाकर शव गंगा में फेंका, उधार के रुपए को लेकर हुआ था विवाद
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर पुलिस ने कोतवाली थाना क्षेत्र में 9 फरवरी को हुई एक युवक की हत्या का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। युवक की पहचान 34 वर्षीय मनोहर सिंह यादव के रूप में हुई है। उसका शव गंगा नदी में फेंक दिया गया था।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मेदनीपुर, थाना सुहवल निवासी 30 वर्षीय दीपा सिंह और उसका 26 वर्षीय भाई परीक्षित सिंह शामिल है। मनोहर के पिता धर्मदेव सिंह यादव ने 11 फरवरी को अपने बेटे के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद जांच में हत्या का मामला सामने आया।
पुलिस के मुताबिक, एसडीआरएफ और गोताखोरों की मदद से गंगा नदी से मनोहर का शव बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपी परीक्षित ने बताया कि मनोहर उसकी बहन दीपा का कॉलेज का सहपाठी और मित्र था। दीपा एसबीआई बैंक मऊ में कार्यरत है। मनोहर ने एक साल पहले दीपा से 2.5 लाख रुपये उधार लिए थे, जो उसने अपनी एफडी तुड़वाकर दिए थे।
रुपये वापस न करने और बदनाम करने की धमकी देने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। आरोप है कि 9 फरवरी की रात मनोहर, दीपा से मिलने के लिए रौजा तिराहे पर आया। दीपा उसे घर छोड़ने के बहाने गंगा नदी पुल के नीचे सुहवल की ओर ले गई, जहां परीक्षित पहले से मौजूद था।
रुपये वापस मांगने पर कहासुनी बढ़ गई और दीपा व परीक्षित ने मिलकर मनोहर का गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उन्होंने शव को गंगा में फेंक दिया। साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपियों ने बाइक की नंबर प्लेट पर मिट्टी लगाकर हेलमेट, चाबी और मोबाइल भी नदी में फेंक दिए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
