गाजीपुर बेइज्जती और ब्लैकमेलिंग से परेशान युवक ने दी जान
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर में बेइज्जती और ब्लैकमेलिंग से परेशान युवक ने अपने दोस्त के घर पर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को फंदे से नीचे उतारवाया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। इसके साथ चादर को कब्जे में ले लिया और कमरे को सील कर दिया है।
मृतक के छोटे भाई ने बताया कि गांव के ही कुछ लोगों ने उसको फर्जी छेड़छाड़ का आरोप लगाकर पुलिस को सूचना दे दी थी। इससे बचने के लिए पांच लाख रुपए की डिमांड कर रहे थे। रुपए न देने पर दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी दे रहे थे।
इन आरोपों और सामाजिक बदनामी के डर से वह काफी मानसिक तनाव में था। वह विपक्षी पक्ष और पुलिस के डर से अपने एक दोस्त के यहां छिपकर रह रहा था। लगातार मिल रही धमकी की वजह से उसने यह कदम उठाया है। फिलहाल परिजनो की ओर से मिले तहरीर के आधार पर पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
यह पूरा मामला नगसर हाल्ट थाना क्षेत्र के असांव का है। मृतक की पहचान गगरन गांव निवासी 22 वर्षीय युवक गुलशन गुप्ता के रूप में हुई है। गुलशन ने मंगलवार को असांव स्थित अपने एक दोस्त के घर में कमरे की दीवार में बने छेद में चादर के सहारे फंदा लगाकर जान दे दी। घटना के बाद मृतक की मां रंजना देवी, पिता बालेश्वर गुप्ता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता बालेश्वर मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। जबकि छोटा भाई संजीव गुप्ता अभी पढ़ाई कर रहा है।
मृतक के छोटे भाई संजीव गुप्ता ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि गुलशन दो भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ा था। वह बाहर रहकर निजी काम करता था और होली पर घर आया हुआ था। कुछ दिनों बाद उसे सीआईएसएफ की परीक्षा देने जाना था।
संजीव गुप्ता ने बताया कि गांव के ही कुछ लोगों ने उसके भाई पर बेवजह छेड़छाड़ का आरोप लगाकर पुलिस को सूचना दे दी थी। साथ ही पांच लाख रुपए न देने पर दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी भी दी थी। इन आरोपों और सामाजिक बदनामी के डर से गुलशन काफी मानसिक तनाव में था। वह विपक्षी पक्ष और पुलिस के डर से असांव में अपने एक दोस्त के यहां छिपकर रह रहा था। लगातार मिल रही प्रताड़ना और मानसिक दबाव के कारण उसने यह कदम उठाया है।
वहीं, नगसर हाल्ट थानाध्यक्ष ओमप्रकाश ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
