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गाजीपुर में कामाख्या धाम में 40 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, उमड़ा आस्था का सैलाब

ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर में चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन पूर्वांचल के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां कामाख्या धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। शनिवार को 40 हजार से अधिक भक्तों ने मां के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। सुबह से देर शाम तक मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी रहा।
नवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के तृतीय स्वरूप मां चंद्रघंटा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। भक्तों ने व्रत रखकर फूल-माला, नारियल और प्रसाद अर्पित किए। मंदिर परिसर "जय माता दी" के जयकारों से गूंज उठा, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां चंद्रघंटा के मस्तक पर अर्धचंद्र घंटी के आकार में सुशोभित होता है, इसलिए उन्हें 'चंद्रघंटा' कहा जाता है। मां का यह स्वरूप वीरता, साहस और शांति का प्रतीक माना जाता है।

ऐसी मान्यता है कि मां चंद्रघंटा की आराधना करने से कुंडली के शुक्र दोष का निवारण होता है, जीवन में साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है, तथा सभी प्रकार के भय समाप्त हो जाते हैं।

मंदिर के पुजारी मिथिलेश उपाध्याय ने बताया कि मां कामाख्या धाम में सच्चे मन और श्रद्धा से मांगी गई हर मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से नियम और श्रद्धा के साथ पूजा करने का आह्वान किया, ताकि उन्हें मां की विशेष कृपा प्राप्त हो सके।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। दर्शन के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गईं, जिससे भक्तों को असुविधा न हो। स्काउट गाइड ने भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

नवरात्रि के इस पावन अवसर पर मां कामाख्या धाम में उमड़ी यह आस्था एक बार फिर क्षेत्र की गहरी धार्मिक श्रद्धा और सांस्कृतिक परंपरा को दर्शाती है।