गाजीपुर में 3 सेंमी प्रति घंटे बढ़ रही गंगा नदी, ददरीघाट की ज्यादातर सीढ़ियां डूबीं
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 61.370 मीटर दर्ज किया गया। नदी करीब 3 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। बढ़ते जलस्तर के कारण शहर के प्रमुख घाटों की सीढ़ियां पानी में डूबने लगी हैं। ददरीघाट की अधिकांश सीढ़ियां जलमग्न हो चुकी हैं, जबकि कलेक्टर घाट पर करीब 30 से 35 सीढ़ियां पानी में समा गई हैं।
चितनाथ घाट की करीब 69 और पोस्ताघाट की लगभग 20 सीढ़ियां भी डूब चुकी हैं। गंगा का पानी शहर के श्मशान घाट तक पहुंच गया है। इसके बावजूद रोज गंगा स्नान करने वालों की संख्या में खास कमी नहीं आई है।
गंगा का मौजूदा जलस्तर 61.370 मीटर है, जो चेतावनी बिंदु 62.100 मीटर से 73 सेंटीमीटर नीचे है। खतरे का निशान 63.105 मीटर है। यानी नदी अभी खतरे के निशान से करीब 1.73 मीटर नीचे बह रही है।
जिले में बाढ़ की स्थिति के लिए सामान्य जलस्तर 59.906 मीटर माना जाता है। इस लिहाज से गंगा का पानी सामान्य स्तर से 1.464 मीटर ऊपर पहुंच चुका है। वर्ष 2025 में गंगा का अधिकतम जलस्तर 64.690 मीटर दर्ज किया गया था।
गोलाघाट पर केंद्रीय जल आयोग ने गंगा के जलस्तर की निगरानी के लिए 8 गेज लगाए हैं। इनमें से अब सिर्फ 2 गेज दिखाई दे रहे हैं, जबकि 6 गेज पानी में डूब चुके हैं। इससे घाट क्षेत्र में बढ़ रहे पानी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने के बावजूद ददरीघाट और कलेक्टर घाट पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का गंगा स्नान जारी है। ददरीघाट पर स्नान करने पहुंचे सुरेश ने बताया कि वह पिछले दो दिनों से लगातार गंगा स्नान के लिए आ रहे हैं। उनके मुताबिक, बुधवार की तुलना में गुरुवार को पानी काफी बढ़ गया है और ज्यादातर सीढ़ियां डूब चुकी हैं। अब वह ज्यादा दूर पानी में नहीं जाएंगे और सीढ़ियों के पास ही स्नान करेंगे।
कलेक्टर घाट के नियाजी मोहल्ला निवासी राम चौधरी ने बताया कि वह बचपन से रोज गंगा स्नान करते हैं। उनके मुताबिक, पिछले चार-पांच दिनों से पानी लगातार बढ़ रहा है और रात से इसकी रफ्तार और तेज हुई है। घाट की करीब 34-35 सीढ़ियां डूब चुकी हैं। इसके बावजूद वह गंगा स्नान के लिए आना जारी रखेंगे।
कलेक्टर घाट पर पहुंचे अशोक चौधरी ने बताया कि गुरुवार को पानी के साथ बहाव भी काफी तेज है। उनका कहना है कि पिछले साल की तुलना में फिलहाल जलस्तर कम है, लेकिन ऊपरी इलाकों में बारिश के कारण आने वाले दिनों में पानी और बढ़ सकता है।
गंगा किनारे रहने वाले नाविकों के मुताबिक, पानी बढ़ने के कारण कई नावें घाटों के किनारे बांध दी गई हैं। जलस्तर कम होने तक नावों को इसी तरह किनारे रखना पड़ेगा। नाविकों का कहना है कि गंगा का पानी कम हो या ज्यादा, उनका रोजमर्रा का जीवन नदी से जुड़ा हुआ है। इसलिए वे लगातार घाटों पर आते-जाते रहते हैं।
गंगा अभी चेतावनी बिंदु से नीचे है, लेकिन लगातार तीन दिनों से जलस्तर बढ़ रहा है। इस कारण प्रशासन और स्थानीय लोगों की निगाह नदी के जलस्तर पर बनी हुई है।
61.370 मीटर के मौजूदा जलस्तर से चेतावनी बिंदु तक अभी 73 सेंटीमीटर का अंतर है। यदि पानी बढ़ने की मौजूदा रफ्तार जारी रहती है तो आने वाले घंटों में घाटों पर स्थिति और बदल सकती है।
फिलहाल शहर के प्रमुख घाटों पर सबसे बड़ा बदलाव यह है कि जिन सीढ़ियों पर कुछ दिन पहले तक सामान्य रूप से लोग स्नान कर रहे थे, उनमें बड़ी संख्या अब पानी में डूब चुकी है। इसके बावजूद गंगा के प्रति लोगों की आस्था और नदी से जुड़ाव के कारण घाटों पर उनकी मौजूदगी बनी हुई है।
