Today Breaking News

गाजीपुर में मां की हत्या के 11 साल बाद 3-दोषियों को उम्रकैद, 20-20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया

ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर में नगसर हाल्ट थाना क्षेत्र के गगरन गांव में वर्ष 2015 में हुई जगरानी देवी की हत्या के मामले में करीब 11 साल बाद बुधवार को फैसला आया। अपर जिला जज तृतीय श्वेता वर्मा की अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। दोषियों में लाल बहादुर पासवान, लाल बिहारी पासवान और आशा देवी पत्नी शंभू पासवान शामिल हैं। अदालत ने तीनों पर 20-20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
घटना 11 मार्च 2015 की शाम करीब 6 बजे गगरन गांव में हुई थी। जगरानी देवी की हत्या के बाद नगसर हाल्ट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले की सुनवाई करीब 11 साल तक चली। इस दौरान पुलिस की ओर से अदालत में साक्ष्य और गवाह पेश किए गए। इन्हीं के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।

अदालत ने तीनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर प्रत्येक दोषी को छह-छह महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

जगरानी देवी की हत्या के बाद उनके बेटे मुकेश पाल ने न्याय के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। करीब 11 साल के इंतजार के बाद तीन आरोपियों को सजा मिलने पर परिवार ने संतोष जताया। मुकेश ने कहा कि इतने लंबे समय बाद उनकी मां को न्याय मिला है।

मामले में एक अन्य आरोपी घटना के समय नाबालिग था। उसकी उम्र कम होने के कारण उसका मुकदमा अलग कर दिया गया था। नाबालिग आरोपी की सुनवाई किशोर न्यायालय में चल रही है।