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गाजीपुर में लेखपालों की हड़ताल से प्रमाण पत्र अटके, विरासत और पैमाइश के काम प्रभावित

ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर. गाजीपुर की मुहम्मदाबाद तहसील में लेखपालों के कार्य बहिष्कार से राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित हो रहा है। 8 अक्टूबर से लेखपालों के पूर्ण कार्य बहिष्कार के चलते आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों का सत्यापन रुक गया है। शुक्रवार तक कुल 2212 प्रमाण पत्र सत्यापित नहीं हो सके थे। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, छात्रवृत्ति के आवेदकों और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सुपर टेट परीक्षा के आवेदन के लिए प्रमाण पत्रों की जरूरत को देखते हुए अभ्यर्थी भी चिंतित हैं।
मुहम्मदाबाद तहसील में लेखपालों के कार्य बहिष्कार के कारण बड़ी संख्या में प्रमाण पत्र लंबित हैं। शुक्रवार तक 1091 आय प्रमाण पत्र, 491 जाति प्रमाण पत्र और 630 निवास प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं हो पाया था। इन प्रमाण पत्रों के बिना कई आवेदकों की आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। कामकाज प्रभावित होने से लोगों को तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र प्रतियोगी परीक्षाओं, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं के लिए जरूरी होते हैं। प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं होने से युवाओं को समय पर आवेदन पूरा करने की चिंता सता रही है। खासकर सुपर टेट परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी परेशान हैं। उन्हें आशंका है कि हड़ताल लंबी खिंचने पर प्रमाण पत्र संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने में देरी हो सकती है।

लेखपाल 8 अक्टूबर से पूरी तरह कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। इससे पहले वे 22 सितंबर से 40 अतिरिक्त हल्कों के कामकाज को लेकर बहिष्कार कर रहे थे। अब पूर्ण कार्य बहिष्कार के कारण प्रमाण पत्रों के सत्यापन के साथ अन्य राजस्व कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। तहसील में आने वाले लोगों को अपने काम के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

मुहम्मदाबाद तहसील में कुल 144 हल्के हैं। इनमें 40 अतिरिक्त हल्के खाली पड़े हैं। इन अतिरिक्त हल्कों का काम दूसरे लेखपालों के जिम्मे होने से कार्यभार बढ़ रहा है। लेखपालों की मांग है कि रिक्त पदों की समस्या का समाधान किया जाए, ताकि राजस्व कार्यों का संचालन सुचारु रूप से हो सके।

लेखपालों के पूर्ण कार्य बहिष्कार का असर केवल प्रमाण पत्रों तक सीमित नहीं है। विरासत नामांतरण, जमीन की पैमाइश और आपदा प्रबंधन से जुड़े राजस्व कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। इन कार्यों के लंबित रहने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राजस्व संबंधी मामलों के निस्तारण में देरी होने की आशंका भी बढ़ गई है।

लेखपाल संघ की प्रमुख मांगों में लंबित पदोन्नति सूची जारी करना, नए लेखपालों की परीक्षा का परिणाम जल्द घोषित करना और रिक्त पदों पर भर्ती बढ़ाना शामिल है। लेखपालों का कार्य बहिष्कार कब तक जारी रहेगा, इस बारे में फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। वहीं, प्रमाण पत्रों और अन्य राजस्व कार्यों के लंबित होने से आवेदक और स्थानीय लोग जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।