गाजीपुर: घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया नगर पंचायत का मुख्य लिपिक - Ghazipur News ✔ | गाजीपुर न्यूज़ | Latest Ghazipur News in Hindi ✔

Ghazipur News ✔ | गाजीपुर न्यूज़ | Latest Ghazipur News in Hindi ✔

गाजीपुर न्यूज़, ग़ाज़ीपुर ब्रेकिंग न्यूज़, खेल समाचार, राजनीति न्यूज़, अपराध न्यूज़

Breaking

Post Top Ad

Post Top Ad

गाजीपुर: घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया नगर पंचायत का मुख्य लिपिक

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर सैदपुर स्थानीय नगर पंचायत कार्यालय में गुरुवार की शाम एंटी करप्शन वाराणसी की टीम ने छापा मारकर 50 हजार रुपए घूस लेते मुख्य लिपिक को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। लिपिक ने मृतक आश्रित में नौकरी व पिता के भविष्य निधि और पेंशन दिलाने के नाम पर घूस मांगी थी। नगर निवासी मुन्ना निगम के पिता नगर पंचायत में चपरासी के पद कार्यरत थे। 2012 में पिता के निधन के बाद उसने मृतक आश्रित कोटे में नौकरी के लिए आवेदन किया लेकिन नौकरी नहीं मिली। कहा गया कि उसके पिता अस्थाई कर्मचारी थे। मुन्ना ने हाईकोर्ट में गुहार लगाई। 

हाईकोर्ट के आदेश पर मुन्ना को 19 दिसंबर को नियमित सफाई कर्मचारी के रूप में नियुक्त कर प्रमाण पत्र दे दिया गया। मुन्ना ने पिता के बयाए भविष्य निधि की मांग की तो उससे मुख्य लिपिक सुरेंद्र सोनकर ने रुपयों की मांग की। उसने इसकी शिकायत एंटी करप्शन कार्यालय वाराणसी में की। वहां से पहुंची टीम ने योजना बनाकर लिपिक को घूस लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम के प्रभारी रामसागर ने बताया कि लिपिक को 50 हजार रुपयों के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया है।हाईकोर्ट में केस को सुलझाने के लिए भी मांगी गई थी घूससैदपुर (गाजीपुर)। हिन्दुस्तान संवादस्थानीय नगर पंचायत कार्यालय में गुरुवार को घूस लेते पकड़े गए मुख्य लिपिक सुरेंद्र सोनकर ने मुन्ना निगम को मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति के लिए ही नहीं बल्कि हाईकोर्ट में गुहार लगाने के बाद उसे सुलझाने के लिए भी घूस मांगी थी। 

मुन्ना निगम के अनुसार लिपिक ने मेरे पिता को अस्थाई कर्मचारी बताकर मुझे मृतक आश्रित की जगह नौकरी देने के लिए महीनों तक दौड़ाया। इसके बाद मैं बीते लगभग 4 वर्षों तक हाईकोर्ट में मुकदमा लड़ता रहा। इस दौरान लिपिक ने मुझसे बार-बार पैसे की मांग की। पैसा नहीं देने पर मुकदमे में तथ्यों को तोड़- मरोड़ कर मामले को उलझाता रहा। इसे सुलझाने के लिए भी घूस मांगी। 5 वर्षों की लड़ाई के बाद न्यायालय से मुझे न्याय मिला। जहां न्यायालय ने मेरे पिता को नियमित कर्मचारी मानते हुए, मुझे मृतक आश्रित के स्थान पर नौकरी देने का आदेश बीते दिनों दिया। लिपिक के पास से 60 हजार अतिरिक्त बरामदसैदपुर (गाजीपुर)। सुरेद्र सोनकर को एंटी करप्शन टीम ने 50 हजार रुपये घूस के साथ ही अतिरिक्त 60 हजार रुपयों के साथ गिरफ्तार किया। 

इन रुपयों के बारे में लिपिक का कहना है कि वह भू स्थानांतरण टैक्स के पैसे हैं। इसकी रशीद अभी उसे काटनी थी। मामले में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी संतोष मिश्र ने बताया कि कोर्ट के आदेश से मृतक आश्रित मुन्ना निगम को एक नियमित सफाई कर्मचारी के स्थान पर नियुक्त कर दिया गया है। इसके साथ ही स्पेशल कोर्ट में मृतक आश्रित की नौकरी को चुनौती भी दी गई है। इसके निर्णय के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। लिपिक सुरेंद्र सोनकर का कहना है कि सब कुछ सीसीटीवी कैमरे में कैद है। 

आरोप लगाने वाला मुन्ना निगम मुझे जबरदस्ती पैसे दे रहा था। मुझे जान बूझकर फंसाया जा रहा है। कार्रवाई में टीम के संतोष कुमार दीक्षित, एएन दूबे, अशोक कुमार सिंह, नरेंद्र सिंह विजय प्रधान व सुनील यादव शामिल रहे। कोतवाल शरद चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच हो गई है। टीम के लोगों ने तहरीर भी दे दी है। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपित कर्मचारी को जेल भेजा जायेगा।

No comments:

Post a Comment

योगदान करें!

सत्ता को आइना दिखाने वाली गाजीपुर समाचार पत्रकारिता जो राजनीति के नियंत्रण से मुक्त भी हो, वो तभी संभव है जब जनता भी हाथ बटाए. फेक न्यूज़ और गलत जानकारी के खिलाफ़ इस लड़ाई में हमारी मदद कीजिये. योगदान करें.

Donate Now
तत्काल दान करने के लिए, "Donate Now" बटन पर क्लिक करें।



Post Top Ad