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गाजीपुर: ट्रांसफार्मर मरम्मत में मामूली सुधार, लेकिन नहीं बदले हालात

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर रौजा स्थित वर्कशाप में ट्रांसफार्मरों के मरम्मत का हाल जस का तस है। ऐसे में किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही है। राहत की बात यह है कि पहले जहां प्रतिदिन 60 से 65 की संख्या में ट्रांसफार्मर जलने की शिकायतें आ रही थीं वहीं उनकी संख्या अब घटकर 30 से 35 पहुंच गई है लेकिन अभी भी लोगों को ट्रांसफार्मर के लिए लाइन लगानी पड़ रही है।

बिजली विभाग की हरकतों ने लोगों को बेहाल कर रखा है। न तो आपूर्ति सही हो पा रही है न फुंके ट्रांसफार्मर बन पा रहे हैं। रौजा स्थित वर्कशाप की हालत काफी खस्ता है। आलम यह है कि ट्रांसफार्मर के लिए लाइन लगाने वालों की संख्या में कोई कमी नहीं हो रही है। हालांकि हालात कुछ काबू में हुए हैं। पहले जो इस माह में 698 ट्रांसफार्मर की मरम्मत होनी थी वहीं विभागीय कर्मचारियों के अनुसार यह संख्या घटकर चार सौ के करीब पहुंच गई है। अभी भी ट्रांसफार्मर लाने और ले जाने वाले ठेकेदार व उनके लाइनमैन का मोलभाव बदस्तूर जारी है।

आंकड़ा एक नजर में
जले लगाए गए ट्रांसफार्मर 
जून - 450 424
जुलाई - 968 668
अगस्त - 1112 762

नौ सितंबर को 29 गांवों में लगाए गए ट्रांसफार्मर- दर्जी मोहल्ला, अवराकोल, पाली, कटयां, आंकुसपुर, परसनी, छावनी लाइन, दुबिहां, नेवादा, बसवारी, भदसा, मोलनापुर, रामपुर जीवन, इचौली, सरायबदी, तड़वा, तेलियर खुर्द, चुरामनपुर, गोड़ीखास, महरसा, चितोड़ा, अवथही, सवधही, रामपुर बलभद्र, हैदरगंज, बोगना, कोर एवं मीरदादपुर । दस सितंबर को लगाए गए 13 ट्रांसफार्मर बंधवा, चकतालवी, बिटऊ, महकपुर, मेख, बदरपुर, गोपालपुर, गहमर, मनिहारी, त्रिलोक, रसूलपुर, बरियापुर एवं हसनपुर गोरा।

ट्रांसफार्मर जलने की संख्या में आई कमी
सामग्री के अभाव में ट्रांसफार्मर मरम्मत करने वाले कर्मचारी लाचार रहते हैं। अगर पर्याप्त सामग्री उपलब्ध रहे तो ट्रांसफार्मर की मरम्मत में तेजी आ सकती है। इसके लिए ऊपर के अधिकारियों को लिखा भी जाता है। सामग्री मिलती भी है लेकिन वे पर्याप्त नहीं होती है। हालांकि अब ट्रांसफार्मर के जलने की संख्या में कमी आई है इसके चलते शीघ्र ही स्थित नियंत्रण में हो जाएगी। एसके ओझा, अवर अभियंता वर्कशाप रौजा।

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