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गाजीपुर: धार्मिक अुनष्ठान की पूर्णाहुति के साथ सीद्धपीठ हथियाराम में हुआ नवरात्र का समापन

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर आठ सौ वर्ष प्राचीन सिद्धपीठ की आराध्य देवी बुढ़िया माई के दरबार में नवरात्र प्रतिपदा से चल रहे हवन-पूजन और विविधि धार्मिक अनुष्ठान की पूर्णाहुति विजय दशमी पर हुई। सदियों से चली आ रही परम्परानुसार सिद्धपीठ के पीठाधिपति महामण्डलेश्वर भवानीनंदन यति ने वैदिक ब्राह्मणों के साथ सुबह हरिहरात्मक पूजा, शास्त्र पूजा, शात्र पूजन व ध्वज पूजन के बाद शक्ति पूजन की प्रतीक व सिद्धपीठ की अराध्या भगवती बुढ़िया माई को परम्परागत पवित्र हलुआ पूड़ी का भोग लगाया गया। जंगीपुर के विधायक डा. वीरेंद्र यादव, वाराणसी के अपर आयुक्त जितेन्द्र मोहन सिंह तथा अपार श्रद्धालु समूह के साथ सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में पहुंचकर भगवान सिद्धेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक किया। 

तदोपरांत शमी वृक्ष की पूजा किया गया। स्वामी भवानीनन्दन यति ने प्रवचन करते हुए कहा कि अति प्राचीन सिद्ध संतों की तपस्थली सिद्धपीठ अध्यात्म जगत में तपोभूमि के रूप में विख्यात है। उन्होंने दशहरा पर अपने अंदर के दस बुराइयों को समाप्त करने को कहा। जब तक हम अपने अंदर की बुराइयों का नाश नहीं करेंगे तब तक मानव का कल्याण संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यहां के सिद्ध संतों के ज्ञानरूपी प्रकाश से समूचा अध्यात्म जगत आलोकित है। वाराणसी के अपर आयुक्त जितेन्द्र मोहन सिंह ने लोगों से अपने अंदर छिपी बुराइयों का परित्याग कर सत्य आचरण करने को कहा। परसेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया। डॉ. मंगला प्रसाद, जितेंद्र नारायण सिंह, विधायक डा. वीरेन्द्र यादव, रमेश यादव, डॉ. रत्नाकर त्रिपाठी ने समवेत स्वर में सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने अंदर की बुराई दूर करने का आह्वान किया। इस मौके पर कर्नल आरपी सिंह, अखण्ड प्रताप सिंह, हरिश्चन्द्र सिंह, लौटू प्रजापति, गुलाब आदि मौजूद रहे। संचालन विपिन कुमार पाण्डेय राजन ने किया।

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