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गाजीपुर: 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक चलेगा फाइलेरिया उन्मूलन अभियान- डा. डीपी सिन्हा

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत गाज़ीपुर सहित प्रदेश के 19 जनपदों में फाइलेरिया से लड़ने के लिए फाइलेरिया उन्मूलन एमडीए (मास ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक चलाया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी लोगों के घर-घर जाकर दवा खिलाने का कार्य करेंगे जिसके लिए विभाग ने माइक्रो प्लान बनाने की कवायद शुरू कर दी है। एसीएमओ डॉ डीपी सिन्हा ने बताया कि इस अभियान के लिए अंडकोष में सूजन और हाथी पांव के मरीज की सूची तैयार की जा रही है  जिनका चिन्हिकरण कर नि:शुल्क ऑपरेशन किया जाएगा। 

उन्होंने बताया कि पिछले साल नवंबर माह  में यह अभियान जनपद के आठ चिन्हित क्षेत्रों सुभाकर पुर, करंडा, देवकली, गोरा बाजार, बघरी जमानिया, वीरपुर गोडउर, खेताबपुर जखनिया और बड़ी बाग में चलाया गया था। इस दौरान 4,014 लोगों की जांच की गयी जिसमें से एक फाइलेरिया का मरीज  पाया गया और तत्काल इलाज पर भी रखा गया। इसके अलावा पिछले दिनों हुये नाइट ब्लड सर्वे  में 2,000 मरीजों की जांच की गयी और जांच के उपरांत फाइलेरिया के 9 मरीज पॉजिटिव पाए गए।उन्होंने बताया कि एमडीए अभियान के तहत दो तरह की दवा एल्बेण्डाज़ोल और डाई एथाईल कार्बामाईजीन (डीईसी)खिलाई जाएगी  जो दो साल से ऊपर सभी को दी जाएगी। यह दवा दो साल से नीचे के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के साथ ही गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को नहीं खिलाई जाएगी। 

यह दवा विशेष रूप से अभियान के कर्मचारियों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की निगरानी में खिलाई जाएगी। एसीएमओ डॉ डीपी सिन्हा ने बताया कि यह बीमारी एलीफेंटिटिस, एक परजीवी के कारण फैलती है जोक्यूलेक्स मच्छर के काटने से शरीर के अंदर प्रवेश करता है। इस बीमारी से मरीज के पैर हाथी के पैरों की तरह फूल जाते हैं। इस रोग के होने से शारीरिक विकलांगता आती है और इससे मानसिक स्थिति पर भी बुरा  प्रभाव पड़ता है। प्राथमिक उपचार और प्रथम चरण में इस बीमारी को ठीक किया जा सकता है। उन्होने बताया फाइलेरिया व्यक्ति के शरीर को धीर-धीरे  प्रभावित करती है।  शुरुआत में शरीर के अंग जैसे पैर, स्तन, हाथ में सूजन आने लगती है। फाइलेरिया रोग जिसे हाथी पांव या फील पांव भी कहते हैं, में अक्सर हाथ या पैरों में बहुत अधिक सूजन आती है। इसके अलावा फाइलेरिया रोग से अंडकोष, महिलाओं में स्तन आदि या अन्य अंगों में सूजन आती है।

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