गाजीपुर: आध्यात्मिक राष्ट्रीयता के प्रतीक थे स्वामी विवेकानंद - Ghazipur News ✔ | ग़ाज़ीपुर न्यूज़ | Ghazipur Samachar in Hindi ✔

Ghazipur News ✔ | ग़ाज़ीपुर न्यूज़ | Ghazipur Samachar in Hindi ✔

गाजीपुर न्यूज़, ग़ाज़ीपुर ब्रेकिंग न्यूज़, गाजीपुर खेल समाचार, गाजीपुर राजनीति न्यूज़, गाजीपुर अपराध समाचार

Breaking

Post Top Ad

Post Top Ad

रविवार, 12 जनवरी 2020

गाजीपुर: आध्यात्मिक राष्ट्रीयता के प्रतीक थे स्वामी विवेकानंद

गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा गाजीपुर के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर विवेकानंद स्थित उनकी प्रतिमा स्थल पर माल्यार्पण कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी आयोजित हुई। गोष्ठी में अपने विचार व्यक्त करते हुए वक्ताओं ने विवेकानंद जी को महान संत बताया  और कहा कि विवेकानंद जी भारत के महान धर्मगुरूओं में से एक ने। वह आध्यात्मिक, सहिष्णुता, राष्ट्रीयता,और वैचारिक साहस के प्रतीक थे। “उठो, जागो और तब तक चलते रहो जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाय” के कथन को उद्धृत करते हुए वक्ताओं ने यूवाओ से अपनी ऊर्जा देशहित एवं समाज कल्याण में लगाने की नसीहत दिया। 


इस गोष्ठी में मुख्य रूप से महासभा के जिलाध्यक्ष अरूण कुमार श्रीवास्तव, पूर्व विधायक उदय प्रताप सिंह, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामधारी यादव, महासभा के प्रान्तीय उपाध्यक्ष मुक्तेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव,  राजेश श्रीवास्तव एड, पियूष श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव, मोहनलाल, सत्यप्रकाश, अजय श्रीवास्तव, कौशल श्रीवास्तव, नन्हे, अजय श्रीवास्तव, संदीप वर्मा, रूपक तिवारी (सभासद), श्रीकांत तिवारी एड, आशुतोष श्रीवास्तव आदि तमाम लोग उपस्थित थे। इस गोष्ठी की अध्यक्षता महासभा के जिलाध्यक्ष अरूण कुमार श्रीवास्तव एवं संचालन महासभा के जिला सचिव शैल श्रीवास्तव ने किया।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

'; (function() { var dsq = document.createElement('script'); dsq.type = 'text/javascript'; dsq.async = true; dsq.src = '//' + disqus_shortname + '.disqus.com/embed.js'; (document.getElementsByTagName('head')[0] || document.getElementsByTagName('body')[0]).appendChild(dsq); })();

Post Top Ad