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अखिलेश का BJP पर बड़ा आरोप, बोले- इस पार्टी ने आपसी भाईचारे में ज़हर घोलने का काम किया है

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी रणनीति धोखा देना है. यही नहीं, भाजपा (BJP) ने आपसी भाईचारे में जहर घोलने के साथ धर्म और जाति की राजनीति का प्रदूषण फैलाया है.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) से 12 से अधिक कवियों और शायरों ने मुलाकात की. पूर्व सीएम ने इस मौके पर कहा है कि भाजपा (BJP) की रणनीति धोखा देना है. वह कभी नहीं बदलेगी. उसने पूरा सामाजिक तानाबाना तोड़ दिया है. उसने आपसी भाईचारे में जहर घोलने का काम किया है और धर्म तथा जाति की राजनीति का प्रदूषण फैलाया है. अखिलेश ने कहा कि अपराधिक सियासत से मुल्क को बचाना है. सियासत में अच्छे लोग आएंगे तो सियासत स्वस्थ होगी, तभी नफरत की पराजय सुनिश्चित होगी.


अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि अधिकांश भारतीय आज भी सामाजिक रूप से उदार, राजनीतिक रूप से समझदार और धर्म जैसे व्यक्तिगत विषय को राजनीति के मंच में घसीटकर अपना सियासी फूल खिलाने वालों के विरूद्ध है. उन्होंने भाजपा पर आरक्षण व्यवस्था को लगातार कमजोर करने और दलित-वंचित समाज को उपेक्षित व अपमानित करने का दोषी ठहराया. उन्होंने फिर जातियों की गणना पर जोर दिया ताकि सबको संख्यानुपात में उनका हक मिल सके. समाजवादी चाहते हैं भारतीय संविधान की व्यवस्था लागू रहे.

सीएए को लेकर ये बाले अखिलेश
यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि सीएए के विरोध में आवाज उठाने वाली महिलाओं को अपमानित किए जाने के प्रति आक्रोश जताया है. उन्‍होंने कहा कि औरतों को भी आजादी का परचम उठाने का हक है. संघर्ष कभी हिन्दू-मुसलमान नहीं हो सकता हैं. भाजपा बदले और विद्वेष की भावना से विपक्ष पर हमलावर है. उसे अपनी कुनीतियों का विरोध ‘देशद्रोह‘ लगता है.


यश भारती खत्म किये जाने का अखिलेश यादव ने किया विरोध
अखिलेश यादव ने समाजवादी सरकार के ‘यशभारती‘ सम्मान को भाजपा की राज्य सरकार द्वारा समाप्त किए जाने का योगी सरकार का अपयश पूर्ण निर्णय बताया है. यह निर्णय ‘यशभारती‘ का ही अपमान नहीं है बल्कि विद्धानों और अपने अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का भी अपमान है. पुनः समाजवादी सरकार में पहले से भी अधिक सम्मान किया जाएगा. उन्होंने कहा कि भाजपा अपसंस्कृति का वाहक राजनीतिक संगठन है और आरएसएस तथा कथित सांस्कृतिक संगठन है. इनकी विचारधारा लोगों को जोड़ने के बजाय तोड़ने वाली है. इनका स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्यों से कुछ लेना देना नहीं है. भाजपा सरकार में सरकार कम्पनी बन गई है.

 किस कवि और शायर ने की मुलाकात
आज जो कवि एवं शायर उपस्थित थे उनमें कुछ प्रमुख नाम हैं कलीम कैसर, जौहर कानपुरी, जमील खैराबादी, अज्म शाकिरी, सरदार चरन सिंह बशर, हसन काजमी, सलीम बाराबंकी, अर्शी पिहानवी, नवल टण्डन (सेवता) शहरयार जलालपुरी, यासिर यास, शबीना अदीब, रामप्रसाद बेखुद, शहबाज तालिब, मुख्तार तिलहरी, सरवर झांसी, शादमा बेगम, अजहर हुसैन रौनक, शिव शरन बंधु, शहजादा कलीम, अमिल सुल्तानपुरी, कमर सिद्दीकी, रहमतउल्ला अचानक, आशीष महजिदिया, डॉ. वारिस अंसारी, फलक सुल्तानपुरी, हर्षित मिश्रा, आदर्श बाराबंकवी, तूबा जौहर आदि मौजूद रहे.


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